मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोविड से बचाव के लिए कई आदेश किए जारी

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की शनिवार को डीसी, एसपी और सीएमओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक के बाद रविवार को हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने कोविड से बचाव के लिए कई आदेश जारी किए। आदेश के तहत प्रदेश में तत्काल प्रभाव से नो मास्क नो सर्विस नीति लागू कर दी गई है। बिना मास्क या फेस कवर के किसी व्यक्ति को ट्रेन, अस्पताल, टैक्सी, बस जैसी किसी भी निजी या सार्वजनिक परिवहन के अलावा अस्पताल, मंदिर, लंगर हॉल, स्कूल, कॉलेज, सरकारी या निजी भवन अथवा कार्यालय में प्रवेश नहीं मिलेगा।

23 मार्च के बाद कोई भी नया मेला नहीं होगा। अभी जो मेले चल रहे हैं, वे हर हाल में 23 मार्च तक निपटाने होंगे। जिला प्रशासन की अनुमति के बाद सामाजिक, धार्मिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, राजनीतिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम 25 मार्च के बाद से आयोजित किए जा सकेंगे। बंद स्थानों पर इन कार्यक्रमों में क्षमता का 50 प्रतिशत जबकि खुले क्षेत्र में अधिकतम 200 लोग शिरकत कर सकेंगे। आईटी विभाग और जिला प्रशासन 25 मार्च से ऑनलाइन अनुमति प्रदान करेंगे। सामुदायिक भोज, धाम या लंगर जैसे आयोजनों से पहले प्रबंधक और कैटरिंग स्टाफ को कोविड निगेटिव रिपोर्ट लाना आवश्यक होगा। यह रिपोर्ट 96 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं हो सकती। बंद स्थानों या बिना टेस्ट स्टाफ के जरिये भोज या लंगर आयोजित नहीं होंगे। जिला प्रशासन के लिए स्थानीय पुलिस व पंचायती राज संस्थाओं को ऐसे कार्यक्रमों की जानकारी देनी आवश्यक होगी, ताकि दोनों ही कोविड प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम का आयोजन सुनिश्चित कर सकें।

अब्दुल्लापुर और जमानाबाद के मेले रद्द
वहीं कांगड़ा जिले के जमानाबाद और अब्दुल्लापुर पंचायत में प्रस्तावित दोनों मेले कोरोना की भेंट चढ़ गए हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मेले के आयोजनों को रद्द कर दिया गया है। दोनों पंचायतों के प्रतिनिधियों ने मेला कमेटियों के पदाधिकारियों के साथ जमानाबाद शिव मंदिर में संयुक्त बैठक कर मेले रद्द करने का फैसला लिया है। पंचायतों में 24 और 25 मार्च को मेले प्रस्तावित थे, लेकिन अब सरकार की कोरोना को लेकर जारी बंदिशों को लेकर इसे स्थगित कर दिया गया है। बैठक में दोनों मेला कमेटियों के प्रधान व सदस्य उपस्थित रहे।

मेला कमेटी जमानाबाद के प्रधान फौजा सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मेले का आयोजन रद्द किया गया है। वहीं, अब्दुल्लापुर मेला कमेटी के प्रधान देसराज ने बताया कि महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार के आदेशों को मानते हुए इस बार फिर से दो दिवसीय छिंज मेला के आयोजन को रद्द किया गया है। ग्राम पंचायत जमानाबाद के प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि इस बार मेला स्थल अब्दुल्लापुर में सिर्फ झंडा रस्म और पूजा-अर्चना ही होगी। इस मौके पर करतार सिंह, स्वरूप सिंह, पूर्व प्रधान बबलेश कुमार, सुभाष चंद, ओम प्रकाश, अनिल, अशोक, अक्षय, अजय, वीर सिंह, कमलजीत सिंह, पूर्व सिंह, बलबवीर सिंह, निशांत कोटी व संदीप चौधरी मौजूद रहे।

सुजानपुर होली मेले के लिए झंडा रस्म अदा कर निभाई परंपरा
कोरोना की वजह से सरकार ने इस बार सुजानपुर होली मेले के आयोजन को रद्द कर दिया है लेकिन रविवार को झंडा रस्म अदा कर परंपरा को निभाया गया। राजपुरोहित आशुतोष शर्मा के मंत्रोच्चारण के बीच अजय पुवारी, अनिल पुवारी, अतुल पुवारी ने शिव शक्ति मंदिर में झंडा रस्म अदा की। महाराजा संसार चंद के समय से चली आ रही परंपरा को पुवारी खानदान ने बरसों से कायम रखा है। अष्टमी पर्व पर होली मेले के शुभारंभ व सफल आयोजन को लेकर आयोजित की जाने वाली झंडा रस्म को रविवार को भी अदा किया गया। मेला रद्द होने की वजह से होली पर्व पर विकास के नाम पर की जाने वाली घोषणाओं पर भी इस बार पानी फिर गया है।