शी-हॉट को चलाने वाली महिलाओं ने 200 लोगों के लिए तैयार की सिरमौरी धाम

सराहां: शादी-विवाह और बड़े आयोजनों में अक्सर पुरुष धाम तैयार करते हैं लेकिन हिमाचल के सिरमौर जिले में महिला दिवस से ठीक एक दिन पहले महिला सशक्तीकरण की मिसाल देखने को मिली। बाग बशोग में बने प्रदेश के पहले शी-हॉट को चलाने वाली महिलाओं ने 200 लोगों के लिए सिरमौरी धाम तैयार की। पंचायत की प्रधान राजेश्वरी ने ग्राम सभा में आने वाले ग्रामीणों के लिए धाम का ऑर्डर किया था। महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है।

जनपद सिरमौर के बाग पशोग में बना शी-हॉट पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए रोल मॉडल बन गया है। हिमाचल सरकार प्रदेश के अन्य जिलों में भी शी-हॉट का प्रयोग करने जा रही है। शनिवार को विधानसभा में बजट अभिभाषण के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसका ऐलान किया है।

70 लाख रुपये की लागत से बनाए गए शी-हॉट को महिलाएं चला रही हैं

गौरतलब है कि बाग पशोग में 70 लाख रुपये की लागत से बनाए गए शी-हॉट को महिलाएं चला रही हैं। अलग तरह का यह एक मिनी रिजार्ट है जहां पर महिलाएं सफाई भी करती हैं, खाना भी पकाती हैं, बर्तन भी धोती हैं और अकाउंट से लेकर मार्केटिंग तक का विपणन देखती हैं। महिलाएं प्रति माह लगभग एक लाख रुपये का कारोबार कर रही हैं।

शी-हॉट में प्रदेश के अलावा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तराखंड क्षेत्र से लोग जहां सिरमौरी व्यंजन का लुत्फ उठाने आ रहे हैं। इस शी-हॉट में काम कर रही महिलाओं ने जहां कोरोना काल में मास्क, पीपीई किट बनाए थे वहीं महिलाओं की ओर से मक्की का आटा, गेहूं का आटा, अलग-अलग किस्म के वस्त्र इत्यादि भी बनाए जा रहे हैं। शी-हॉट को चला रही ऊषा रानी, रेखा देवी, अनीता शर्मा, कमला शर्मा ने बताया कि शी-हॉट महिलाओं के सशक्तीकरण में अपना अहम योगदान दे रहा है। बाग पशोग में काम कर रहीं महिलाएं अपने दायित्व का कुशल निर्वाह कर रही हैं। रविवार को महिलाओं ने पंचायत के आदेश पर धाम का आयोजन किया है। इस धाम में 200 लोगों के लिए सिरमौरी व्यंजन परोसे गए।