ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स रैंकिंग: देशभर में 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में शिमला सबसे बेस्ट शहर

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शिमला:  देशभर में 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में रहने के लिए शिमला (Shimla) सबसे बेस्ट शहर है. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स रैंकिंग-2020 (Ease of Living Index) जारी किया. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने यह रिपोर्ट जारी की. वहीं, 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में बेंगलुरु टॉप पर रहा है. रहने के लिए सबसे बेस्ट शहरों की रैंकिंग में देश भर के 111 शहरों ने हिस्सा लिया.

शहरों को दो कैटगरी में बांटा गया. पहली कैटगरी में वे शहर शामिल किए गए, जिनकी आबादी 10 लाख से ज्यादा थी, वहीं दूसरी कैटेगरी में 10 लाख से कम आबादी वाले शहर थे, जिसमें पहाड़ों की रानी शिमला (Shimla) ने भी भाग लिया था. इन शहरों में यह बात देखी की गई कि इनमें रहने की गुणवत्ता किस स्तर की है. साथ ही जो विकास के काम किए गए हैं, उनका लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ रहा है और पड़ा है.

2018 में 92 वें रैंक पर था, शिमला अब मिला पहला रैंक
पहली बार 2018 में शहरों की रैंकिंग की गई थी, जिसमें शिमला शहर को 92वां रैंक मिला था, लेकिन अब यह दूसरी बार जब 2020 में शहरों की रैंकिंग की गई. जिसमें शिमला पहला रैंक हासिल किया है.

मंत्री से लेकर मेयर और पार्षद हुए गदगद
शिमला को पहला स्थान मिलने पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शहरवासियों को बधाई दी है और इस रैंक पर बने रहने के लिए शहरवासियों से सहयोग की कामना की है. उन्होंने कहा कि शिमला देश मे नम्बर पर है, इससे बड़ी खुशी की बात क्या हो सकती है. उन्होंने शहरी विभाग, नगर निगम शिमला और स्मार्ट सिटी को बधाई दी है, जो लगातार शहर में बेहतर कार्य कर रहे हैं. उधर मेयर सत्या कौंडल और पार्षद दिवाकर देव शर्मा ने भी इस रैंक के लिए शहरवासियों का धन्यवाद किया है. उन्होंने लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नगर निगम को सहयोग देने की अपील की है.

14 कैटेगरी पर हुआ था 111 शहरों का मूल्यांकन
इस कैटगरी में मुख्य रूप से तीन पिलर्स हैं. ये पिलर्स रहने की गुणवत्ता, जिसके रैंकिंग के लिए 35 फीसदी अंक रखे गए थे. दूसरा पिलर आर्थिक योग्यता इसके लिए 15 फीसदी अंक और विकास की स्थिरता कैसी है इसके लिए 20 फीसदी अंक तय किए गए, बाकी 30 फीसदी लोगों के बीच किया गया सर्वे के लिए तय किए गए थे, जबकि 49 इंडिकेशंस से जिनके आधार पर इनकी रैंकिंग की गई. इसके साथ इन शहरों के लिए 14 कैटगरी बनाई गई.इन कैटगरी में उस शहर की शिक्षा का स्तर, स्वास्थ्य, आवास और आश्रय, साफ सफाई, ट्रांसपोर्ट सिस्टम, सुरक्षा व्यवस्था, आर्थिक विकास का स्तर, आर्थिक अवसर, पर्यावरण, हरित क्षेत्र, इमारतें, एनर्जी खपत जैसे कैटगरी की समीक्षा की गई.