हिमाचल : तीन कांग्रेस नेताओं पर विजिलेंस जांच की तैयारी

शिमला: तीन साल से ठंडे बस्ते में पड़े हुए मामले को लेकर हिमाचल की जयराम सरकार (Jairam Govt) अब जागी है. जो मामला 2017 के पहले उठाया था और विजिलेंस जांच (Violence) की बात कही थी. अब 2022 के चुनाव नजदीक आते ही फिर से उसे लेकर भाजपा (BJP) सक्रिय हो गई है. दरअसल, भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव नजदीक आते विपक्षी कांग्रेस नेताओं के खिलाफ जांच की तैयारी शुरू कर दी है. स्टेट विजिलेंस ऐंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने राज्य सरकार से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर (Kaul Singh Thakur), पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली, कांग्रेस सरकार विधायक और आपदा प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष रहे राजेंद्र राणा के खिलाफ जांच की इजाज़त मांगी है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ख्वाजा खलीलुल्लाह का नाम भी इन लोगों में शामिल है.

क्या है पूरा मामला
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने 2017 विधानसभा चुनाव से पहले 75 पन्नों की एक चार्जशीट तैयार की. इसमें कांग्रेस के मंत्रियों और पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे. एक समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, विजिलेंस ने सरकार से बीजेपी चार्जशीट की क्रम संख्या 3,4,24 और 27 के विषयों की जांच की इजाज़त मांगी है. चार्जशीट में भाजपा ने कांग्रेस के 40 नेताओं और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे. इनमें मंडी के विधायक अनिल शर्मा का भी नाम था, जो बाद में भाजपा में शामिल हुए और जयराम सरकार में मंत्री भी बने थे. बेटे के कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने के कारण अनिल शर्मा को मंत्री पद छोड़ना पड़ा है. हालांकि, अब जिस विजिलेंस जांच की बात कही जा रही है, उसमें अनिल शर्मा का नाम नहीं है. जब चुनाव को डेढ़ साल बचा है, ऐसे में विजिलेंस का सक्रिय होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है.
क्या आरोप लगाए थे
भाजपा ने अपनी चार्जशीट में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर पर आशा वर्कर, टेस्ट लैब, आउटसोर्सिंग और निजी लैबों के मामले में गड़बड़ी का आरोप लगाया था. वहीं तत्कालीन परिवहन मंत्री जीएस बाली पर बस और टायर खरीदने, बस अड्डे बनाने और खाने की चीज़ों की खरीद में अनियमितताओं का आरोप ज़ड़ा था वहीं, राजेंद्र राणा पर अवैध खनन और कटान और ख्वाजा खलीलुल्लाह पर शिमला के मिडिल बाजार में दुकानों पर कब्जे का आरोप लगाया गया था.

क्या बोले नेता
मामले को लेकर अब कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि हम तो खुद पूछ रहे थे कि आपकी चार्जशीट का क्या हुआ? वहीं, जीएस बाली ने कहा कि वह जांच के लिए तैयार हैं. सरकार में दम है तो जांच करे. साथ ही राजेंद्र राणा चुनौती देते हुए कहा है कि सारी एजेंसियां लगा दो और आरोपों को साबित करके दिखाओ.