प्राइवेट स्कूलों की ओर से फीस के नाम पर की जाने वाली लूट को लेकर सरकार ने किया बड़ा फैसला

शिमला: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में प्राइवेट स्कूलों की ओर से फीस के नाम पर की जाने वाली लूट को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है. लाखों अभिभावकों को राहत देते हुए सरकार ने फैसला किया है कि प्राइवेट स्कूलों (Private Schools) की फीस पर नियंत्रण के लिए कानून लाया जाएगा. 26 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार निजी शिक्षण संस्थान नियामक एक्ट 1997 में बदलाव लाएगी, महत्वपूर्ण संशोधन कर कानून लाया जाएगा.

संशोधन इस प्रकार किया जाएगा, जिससे ये सुनिश्चित हो सके कि किसी भी मद में ली जाने वाली फीस पर सरकार का नियंत्रण हो. शिक्षा मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर ने इसकी पुष्टि की. प्रदेश में 3 हजार से ज्यादा निजी स्कूल हैं, इन स्कूलों में करीब 6 लाख छात्र पढ़ाई करते हैं.

ये बोले शिक्षा मंत्री
शिमला स्थित राज्य सचिवालय में पत्रकारों के साथ बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना के समय बहुत से अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान रहे. प्राइवेट स्कूल मनमर्जी से फीस बढ़ाते रहे, हालांकि सरकार की ओर से साफ आदेश थे कि ट्यूशन फीस के अलावा किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी लेकिन कई स्कूलों ने एनुअल चार्जिज के नाम पर और कई तरह के फंड के नाम से फीस वसूली. उन्होंने कहा कि सरकार के पास इन स्कूलों को नियंत्रित करने के लिए सीधे रूप से कोई कानूनी अधिकार नहीं है, इसलिए नियामक एक्ट में बदलाव लाया जाएगा. शिक्षा मंत्री ने कहा कि संशोधनों को लेकर विभाग तैयारी कर चुका है. इस संबंध सभी स्टेकहॉल्डर्स से सुझाव लिए गए हैं.