सिरमौर : किसानों के लिए बर्फबारी बरदान साबित

सिरमौर जिला के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी से पहाड़ियां ढक गई है। जहाँ ये सेलानियाओं के लिए आकर्षण है वहीँ यहाँ के सथानिये लोगों के लिए काफी बरदान साबित हुई है. बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है, जिस कारण एक बार फिर पूरी सिरमौर ठंड की चपेट में आ गया है। वीरवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली थी ।

जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में 1 फीट के आसपास बारिश हो चुकी है। वहीं, साथ लगते क्षेत्रों हरिपुरधार , नौहराधार, राजगढ़, फागू अन्य क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई  है।  बर्फ़बारी के कारण संध से हरिपुरधार मार्ग बंद पड़ा था, pWD PWD  विभाग के मुश्तेजी से मार्ग को जल्दी ही खोल दिया गया.  PWD  विभाग के अधिकारीयों का कहना है की सडक पर बर्फ के साथ फिसलन काफी है जिसकी कारण ये मार्ग बंद था विभाग द्वारा सड़क पर  मिटटी डालने से रोड चलने लायक  है पर अभी भी फिसलने का खतरा है

बीते करीब 3 सप्ताह से बारिश न होने से क्षेत्र में किसानों की चिंताएं बढ़ गई थी। ऐसे में नकदी फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई है। बता दें कि इन दिनों किसानों ने खेतों में लहसुन की फसल काफी मात्रा में उगा रखी है, जिसके लिए बारिश की काफी आवश्यकता थी। वहीं गेहूं की फसल भी पीली पडऩे लगी थी। लंबे समय से क्षेत्र में बारिश न होने से सूखी ठंड का प्रकोप बढ़ गया था।

जिले के नौहराधार क्षेत्र में सुबह सवेरे ही बर्फबारी शुरू हो गई थी। क्षेत्र के कई इलाकों में अभी तक 5 से 9 इंच बर्फबारी हो चुकी है । क्षेत्र में इस साल का पहला जबकि सीजन यह दूसरा हिमपात है। बर्फबारी होने से क्षेत्र के किसान बागवान बेहद खुश नजर आ रहे हैं, जो लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। इस बारिश व बर्फबारी के बाद किसानों-बागवानों में भी नई उम्मीद जागी है। बहरहाल, जिले के दिनभर रुक-रुक कर बारिश का क्रम जारी है। नाहन सहित जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो रही है।