भारत सीमाओं पर यथास्थिति में एकतरफा बदलाव की कोशिशों को किसी हाल में सफल नहीं होने देगा: रक्षा मंत्री

येलहांका, बंगलूरू: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज चीन का नाम लिए बिना कहा कि भारत सीमाओं पर यथास्थिति में एकतरफा बदलाव की कोशिशों को किसी हाल में सफल नहीं होने देगा और सेनाएं देश की संप्रभुता तथा अखंडता की हर कीमत पर रक्षा करने के लिए तैयार हैं। श्री सिंह ने बुधवार को यहां एशिया के सबसे बडे एयर शो एयरो इंडिया का विधिवत उद्घाटन करने के मौके पर कहा कि भारत को कई मोर्चों पर एक साथ चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

एक ओर सीमापार से आतंकवाद की नापाक कोशिशें की जा रही हैं तो दूसरी ओर जहां सीमाओं का निर्धारण नहीं हुआ वहां उन्हें बदलने की एकतरफा प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने लंबे समय से सेनाओं की ताकत के बल पर विवादित सीमाओं में बदलाव करने की कोशिशों को देखा है।

भारत चौकस और सतर्क है। हम अपने लोगों तथा अखंडता की रक्षा और इन कोशिशों को हर कीमत पर विफल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक चलने वाली यह प्रदर्शनी भारत की रक्षा और एयरोस्पेस के क्षेत्र में निरंतर बढती हुई ताकत का प्रतीक है और उन्हें विश्वास है कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

सेनाओं के आधुनिकीकरण और भारत को रक्षा उत्पादों के निर्यात का गढ़ बनाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए अगले सात सालों में 130 अरब डालर की योजनाएं तैयार की जा रही हैं। विनिर्माण सुविधाओं के लिए कई इकाईयां बनायी जा रही हैं जहां अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार प्रणाली तैयार की जा रही हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया के अब तक के सबसे बड़े सौदे के तहत हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड को वायु सेना के लिए 48 हजार करोड़ रूपये की लागत से 83 स्वदेशी तेजस मार्क 1ए लड़ाकू विमान बनाने का आर्डर दिया गया है।