Donald Trump ने सत्ता छोड़ने से फिर किया इनकार

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बार फिर जिद पर अड़ गए हैं. उन्होंने कहा है कि वो आखिरी दम तक हार मानने वाले नहीं हैं और राष्ट्रपति पद पर बने रहने के लिए कुछ भी करेंगे. ट्रंप के इस अड़ियल रुख से अमेरिका में संवैधानिक संकट उत्पन्न हो सकता है. क्योंकि 20 जनवरी को निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) को शपथ ग्रहण करनी है. इससे पहले ट्रंप ने, आज (मंगलवार) होने वाले स्पेशल इलेक्शन में लोगों से बढ़ चढ़कर मतदान की अपील की. ये चुनाव निर्धारित करेगा कि कौन सी पार्टी सीनेट को नियंत्रित करती है.

दोहराया पुराना आरोप

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर साफ किया कि वो सत्ता की लड़ाई में हार मानने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें जीत मिली थी, लेकिन साजिश के तहत उन्हें हराया गया. ट्रंप ने यह भी कहा कि जॉर्जिया के नतीजे उनके पक्ष में थे. हालांकि, ये बात अलग है कि चुनाव अधिकारी ट्रंप और उनके समर्थकों के आरोपों को गलत बता चुके हैं. उनका कहना है कि चुनाव में किसी भी तरह की धोखाधड़ी नहीं हुई.

‘Electoral Votes से कुछ नहीं होगा’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बाइडेन के लिए परेशानी खड़ी करने वाला बयान देते हुए कहा कि डेमोक्रेट्स हमसे व्हाइट हाउस नहीं छीन सकते. हम आखिरी दम तक लड़ेंगे. डाल्टन की रैली में समर्थकों की मौजूदगी में ट्रंप ने चिल्लाते हुए कहा कि इलेक्टोरल वोट हासिल करके बाइडेन व्हाइट हाउस नहीं छीन सकते. मीडिया से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वो मतदाताओं का हौसला बढ़ाने के लिए यहां आए हैं, लेकिन अपने पूरे भाषण में वो पुराने आरोपों को ही दोहराते रहे.

इस स्पेशल इलेक्शन को सीनेट रन-ऑफ भी कहा जाता है. इसका क्या महत्त्व है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नवंबर के आखिर और दिसंबर की शुरुआत में उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने जॉर्जिया के पांच शहरों का दौरा किया था. निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन भी अपने ट्रांजिशन से समय निकालकर जॉर्जिया की राजधानी गए थे. आज यानी 5 जनवरी को जॉर्जिया में दो सीनेट सीटों के लिए दोबारा चुनाव होने हैं. पहले भी ये चुनाव हुआ था, लेकिन किसी भी उम्मीदवार को बहुमत यानी 50 फीसदी वोट नहीं मिले थे और इसलिए रन-ऑफ की जरूरत पड़ी. आंकड़ों की बात करें तो अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट की मौजूदा स्थिति इस चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण बनाती है. इस समय सीनेट में 50 सीटों के साथ रिपब्लिकन पार्टी के पास बहुमत है. डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 46 सीटें हैं और 2 निर्दलीयों का समर्थन है.