राजधानी में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी, 2020 को सैलानी रिज मैदान से अलविदा नहीं कर पाए

नए साल के स्वागत के लिए राजधानी में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी लेकिन 2020 को सैलानी शिमला के रिज मैदान से अलविदा नहीं कर पाए । नाइट कर्फ्यू के चलते दस बजे सैलानियों को होटलों में लौटना पड़ा। शहर के करीब 300 होटल पूरी तरह पैक हैं। गाड़ियों को पार्क करने के लिए दोपहर बाद भी जगह नहीं मिली। सैलानियों की भारी आमद के चलते शोघी से शिमला और शिमला से कुफरी तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
शहर में संजौली, लक्कड़ बाजार, विक्ट्री टनल, ओल्ड बस स्टैंड, लिफ्ट, टालैंड और छोटा शिमला सड़क पर दिन भर धीमी रफ्तार में ट्रैफिक चलने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सर्कुलर रोड पर लिफ्ट के पास शहर की सबसे बड़ी पार्किंग दोपहर 12:30 बजे फुल हो गईं।
साल के आखिरी दिन कालका से शिमला दोनों ट्रेनें 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ पहुंची। गुरुवार को सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे के बीच शहर के प्रवेश द्वार शोघी से 8966 वाहनों ने शहर में प्रवेश किया। ऑनलाइन ट्रेवल एजेंट पोर्टलों ने 3 गुना महंगे दामों पर कमरे बेचे। 8 बजे के बाद कमरे न मिलने के कारण कई सैलानियों को शिमला से लौटना पड़ा। 31 दिसंबर को शहर में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे।
रात 9:30 बजे के बाद पुलिस की टीम ने रिज मैदान और माल रोड पर एनाउंसमेंट कर सैलानियों से होटल लौटने का आग्रह शुरू कर दिया। सैलानियों को बताया कि शिमला में नाइट कर्फ्यू है इसलिए 10 बजे से पहले अपने होटल लौट जाएं।