पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर संसद भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती के मौके पर शुक्रवार को संसद भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य सभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी समेत कई नेताओं ने पंडित मालवीय और श्री वाजपेयी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करके उन्हे श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के बाद श्री मोदी ने संसद में अटल बिहारी वाजपयी -एक स्मृति खंड नामक किताब का विमोचन किया। लोकसभा सचिवालय की ओर से प्रकाशित इस किताब में श्री वाजपेयी की जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला गया है, साथ ही संसद में उनके द्वारा दिए उल्लेखनीय भाषण भी शामिल किए गए हैं। किताब में उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कुछ दुर्लभ तस्वीरें भी हैं। तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे श्री वाजपेयी, एक कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता थे।
वह पहली बार 1957 में लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। वे 10 बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे। पंडित मालवीय काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रणेता रहे। वह भारत के पहले और अंतिम व्यक्ति थे जिन्हे महामना की उपाधि से विभूषित किया गया था।
कोविंद ने वाजपेयी की जयंती पर श्रद्धांजलि दी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर शुक्रवार को उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री कोविंद ने श्री वाजपेयी के राजधानी स्थित समाधि-स्थल, ‘सदैव अटलÓ जाकर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।