प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में नववर्ष पर खुला रहेगा

उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में बाबा के दीदार करने के लिए नववर्ष पर भीड़ उमड़ेगी। हालांकि नववर्ष इस बार दियोटसिद्ध में सादे तौर पर मनाया जाएगा। न ही बाजे बजेंगे और न ही ढोल नगाड़े। नए साल की शुरुआत बाबा के दर्शनों से करने वालों के लिए मंदिर में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नववर्ष के चलते 31 दिसंबर को मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा। यही नहीं, दिन में तीन बार मंदिर परिसर को सेनेटाइज किया जाएगा। इसके लिए समयसारिणी निर्धारित कर ली गई है। बाहरी राज्यों से भी श्रद्धालुओं के नववर्ष पर यहां पहुंचने की उम्मीद है।
हर वर्ष बाहरी राज्यों से भी भक्त बाबा के दर्शनों से साल की शुरुआत करने के लिए पहुंचते हैं। नववर्ष के चलते दियोटसिद्ध मंदिर 31 दिसंबर को 24 घंटे खुला रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए पहली जनवरी देर रात जब तक श्रद्धालुओं की लाइन लगी रहेगी, तब तक के लिए बाबा जी का दरबार खुला रखने का निर्णय लिया गया है। बताते चलें कि नए साल के आगमन पर बाबा बालकनाथ के दरबार में हर साल नववर्ष पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं।
पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू एवं देश विदेश के कोने-कोने से बाबा बालकनाथ के भक्त नया साल बाबाजी के दरबार में मनाने के लिए आते हैं। उनकी सुविधा व्यवस्था के लिए मंदिर न्यास प्रशासन द्वारा 31 दिसंबर को 24 घंटे बाबा का दरबार खुला रखने का निर्णय लिया गया है। 31 दिसंबर को तीन बार सुबह पांच बजे से 5:15 बजे तक, दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक एवं शाम को 5:30 बजे से छह बजे तक सेनेटाइजेशन की जाएगी।
इस दौरान मंदिर बंद रहेगा। बिना मास्क एवं खांसी जुखाम वाले लक्षणों वाले व्यक्तियों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर अधिकारी कृष्ण कुमार ठाकुर ने बताया कि मंदिर न्यास द्वारा संचालित काउंटरों में स्क्रीनिंग एवं रजिस्ट्रेशन करने के पश्चात ही श्रद्धालुओं को दरबार में भेजा जाएगा। इसके अलावा मंदिर परिसर लंगर से बस स्टैंड तक श्रद्धालुओं को लंगर बांटने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा श्रद्धालु भजन कीर्तन भी नहीं कर सकेंगे।
50 से अधिक संख्या में कहीं भी श्रद्धालु इक_े नहीं होंगे। ढोल, बैंड बाजा एवं पटाखों पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मंदिर न्यास द्वारा संचालित लंगर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। 31 दिसंबर की रात 11 बजे तक श्रद्धालुओं को लंगर खिलाया जाएगा। इसके पश्चात रात्रि 11 बजे से सुबह छह बजे तक श्रद्धालुओं को दूध चाय एवं ब्रेड की व्यवस्था मंदिर न्यास के द्वारा की जाएगी।
एक जनवरी को सुबह छह बजे से सुबह दस बजे तक लंगर में नाश्ते की व्यवस्था भी मंदिर न्यास के द्वारा की जाएगी। इसमें श्रद्धालुओं को चाय एवं नाश्ता दिया जाएगा एवं 11 बजे से श्रद्धालुओं को लंगर वितरित किया जाएगा। मंदिर अधिकारी कृष्ण कुमार ठाकुर ने बताया कि मंदिर न्यास द्वारा जगह-जगह पर सेनेटाइजेशन के लिए सेनेटाइजर उपलब्ध करवाया गया है। इसके अलावा लगभग 150 के करीब होमगार्ड व पुलिस के जवान भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए मंदिर में तैनात रहेंगे।