भारत ने 88 सालों के अपने टेस्ट इतिहास में 36 रन का अपना सबसे कम स्कोर बनाया

एडिलेड भारतीय क्रिकेट टीम बेहद शर्मनाक बल्लेबाजी प्रदर्शन करते हुए आस्ट्रेलिया के खिलाफ दिन-रात्रि टेस्ट मैच के तीसरे दिन शनिवार को पहले सत्र में अपने इतिहास के रिकार्ड न्यूनतम स्कोर 36 रन पर ढेर हो गई और उसे इस मुकाबले में आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा। आस्ट्रेलिया ने इस तरह चार मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान विराट कोहली इस शर्मनाक हार के बाद स्वदेश लौट जाएंगे। विराट अपने बच्चे के जन्म के कारण स्वदेश लौट जाएंगे और शेष तीन टेस्ट मैचों में अजिंक्या रहाणे कप्तानी संभालेंगे। पर विराट की कप्तानी में 19 दिसंबर 2020 का दिन शर्मनाक अक्षरों में दर्ज हो गया है।
भारत ने 88 सालों के अपने टेस्ट इतिहास में 36 रन का अपना सबसे कम स्कोर बनाया और 20 जून, 1974 को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में 42 रन के अपने न्यूनतम स्कोर के रिकार्ड को तोड़ा। भारत ने टेस्ट इतिहास का पांचवां सबसे न्यूनतम स्कोर बनाया। आस्ट्रेलिया को गुलाबी गेंद से दिन-रात्रि का यह मुकाबले जीतने के लिए 90 रन का लक्ष्य मिला और उसने 21 ओवर में दो विकेट पर 93 रन बनाकर मैच जीता। आस्ट्रेलिया की तरफ से जो बर्न्स ने 63 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से सर्वाधिक नाबाद 51 रन, मैथ्यू वेड ने 53 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 33 रन और मार्नस लाबुशेन ने छह रन बनाए।  भारत की तरफ से ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने छह ओवर में 16 रन देकर एक विकेट लिया, जबकि तेज गेंदबाजों उमेश यादव आठ ओवर में 49 रन और जसप्रीत बुमराह सात ओवर में 27 रन देकर खाली हाथ रहे। टीम के इस शर्मनाक प्रदर्शन से पूरे भारतीय क्रिकेट जगत में गुस्से की लहर दौड़ गई है और सभी खिलाडि़यों ने एक स्वर में टीम इंडिया की कड़ी   आलोचना की है।
हार को शब्दों में बयां करना मुश्किल
एडिलेड। आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दिन-रात्रि टेस्ट में आठ विकेट से मिली करारी हार के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने शनिवार को कहा कि इस हार को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। भारत को पहली पारी में 53 रन की बढ़त मिली थी, लेकिन तीसरे दिन के पहले सत्र में ही जोश हेजलवुड और पैट कमिंस ने भारतीय बल्लेबाजों पर कहर बरपाया और महज 36 रन के स्कोर पर उसकी पारी ढेर कर दी। विराट ने कहा, इस हार को शब्दों में बयां करना काफी मुश्किल है। हमने पहली पारी में करीब 60 रन की बढ़त ली और उसके बाद हमारा बल्लेबाजी क्रम बिखर गया। हमने दो दिन से कड़ी मेहनत की और मजबूत स्थिति में रहे और फिर एक घंटे में माहौल ऐसा हो गया कि हमारे लिए जीत असंभव हो गई। उन्होंने पहली पारी की तरह एक ही क्षेत्र में गेंदबाजी की, लेकिन हमारी मानसिकता ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की थी। ईमानदारी से कहूं तो आस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की।
हेजलवुड-कमिंस ने दिलवाई जीत
एडिलेड। भारत के खिलाफ मिली आठ विकेट से जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पेन ने कहा कि इस जीत का श्रेय जोश हेजलवुड और पैट कमिंस को जाता है। हेजलवुड और कमिंस ने मैच के तीसरे दिन भारतीय पारी को पूरी तरह लड़खड़ा दिया और पूरी टीम 36 रन पर ढेर हो गई। पेन ने कहा, इस जीत का विश्वास नहीं हो रहा। मैंने सुबह मीडिया से कहा था कि गेंदबाजों के पास जल्द विकेट निकालने की क्षमता है, लेकिन हमें नहीं पता था कि यह इतनी जल्दी होगा। जब खिलाड़ी ऐसा प्रदर्शन करते हैं, तो ऐसा ही होता है। मैंने पहली पारी में ज्यादा से ज्यादा से रन बनाने की कोशिश की, क्योंकि पहली पारी में हमारे 79 रन पर पांच विकेट गिर गए थे और भारत मजबूत स्थिति में आगे बढ़ रहा था। उन्होंने कहा, लेकिन गेंदबाजों ने मैच में हमारी वापसी करावाई और इस जीत का श्रेय गेंदबाजों को जाता है। हमने भले ही गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हमारी बल्लेबाजी उम्मीद के अनुरुप नहीं रही।