देवभूमि क्षत्रिय संगठन प्रदेश अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर ने की स्वर्ण आयोग गठन की मांग तेज

देवभूमि क्षत्रिय संगठन हिमाचल प्रदेश, सामान्य वर्ग संयुक्त मंच युवा हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष व श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय महासंघ युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा जानकारी देते हुए बताया, की हिमाचल प्रदेश में 65% स्वर्ण समाज की आबादी होते हुए व प्रदेश के राजनीतिक दलों व सत्ताधीन दिन सरकारों में स्वर्ण समाज के नेताओं के द्वारा आज तक नेतृत्व किया गया है! मुख्यमंत्री पद पर हमेशा स्वर्ण समाज से संबंधित व्यक्ति ने ही प्रदेश का नेतृत्व किया ,राजनीतिक दलों द्वारा हमेशा अनुसूचित जाति वर्ग पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक वर्ग के हितों में ही काम किया गया है! लेकिन इस प्रदेश में रह रही सबसे अधिक आबादी स्वर्ण समाज को हमेशा से हमारे ही राजनीतिक नेताओं द्वारा नजरअंदाज किया गया !

वोट बैंक की खातिर हमेशा स्वर्ण समाज के परिवारों के के खिलाफ नीतियां योजनाएं बनाई गई !जिसमें स्वर्ण समाज के गरीब परिवारों को भी अछूता रखा गया !ठाकुर ने पूछा कि राजनीतिक दलों द्वारा हिमाचल प्रदेश में कब तक स्वर्ण समाज की अनदेखी की जाएगी, उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग, पिछड़ा आयोग ,अल्पसंख्यक आयोग को और मजबूत बनाने के लिए हमेशा से राजनीतिक नेताओं ने अपनी अहम भूमिका निभाई है !

लेकिन आज तक स्वर्ण समाज के लिए स्वर्ण आयोग के गठन की मांग आज तक नहीं की गई !जो कि अपने आप में एक बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय विषय रहा है! स्वर्ण समाज को हमेशा वोट बैंक के लिए प्रयोग किया गया है, उनके हितों के बारे में आज तक किसी नेता ने बात नहीं की !किसी राजनीतिक दल ने बात नहीं की, देश में अध्यादेश लाकर एट्रोसिटी एससी एसटी एक्ट जैसा काला कानून सवर्णों के खिलाफ बनाया गया! जिसमें बिना जांच सीधे एफ आई आर दर्ज कर स्वर्ण समाज के परिवार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट प्रेषित कर दिए जाते हैं ,पुलिस विभागों द्वारा स्वर्ण समाज के परिवारों को मानसिक तौर पर शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया जाता है !लेकिन आज तक किसी राजनीतिक दल ने एट्रोसिटी एससी एसटी एक्ट में संशोधन बारे कभी कोई आवाज नहीं उठाई !दूसरा जातिगत आरक्षण को मजबूती देने के लिए सभी राजनीतिक दल देश में व प्रदेशों में कार्य कर रहे हैं! जिसमें स्वर्ण समाज के बच्चों की ,उनकी योग्यता की बलि चढ़ाई जा रही है !ना जाने की सैकड़ों- हजारों परिवार स्वर्ण समाज में गरीबी रेखा से भी नीचे आते हैं !जिनके पास ना सर ढकने के लिए छत है ,ना पेट भरने के लिए रोटी और ना तन ढकने के लिए कपड़ा !लेकिन उन लोगों को भी नजरअंदाज किया जाता है !शिक्षा के क्षेत्र में बचपन से ही आरक्षण नीति को लेकर बच्चों में भेदभाव की भावना को बढ़ावा दिया जाता है! अनुसूचित जाति समाज के सर्व संपन्न परिवार के बच्चे को भी सरकार की तरफ से संपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है! लेकिन स्वर्ण समाज से संबंधित गरीब परिवार के बच्चों को अनदेखा किया जाता है! यह बहुत ही निंदनीय विषय है !अब समय आ गया है, कि हिमाचल प्रदेश व देश के सभी स्वर्ण परिवारों को जागना पड़ेगा! जिस प्रकार से दिल्ली में चल रहे देशव्यापी किसान आंदोलन को लेकर समस्त किसान वर्ग अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट हो गया है ,अपनी एकता का प्रमाण पूरी दुनिया को दिखा रहा है! इसी प्रकार से आज स्वर्ण समाज को भी सड़कों पर एक बड़ा जन आंदोलन करके अपने अधिकारों की लड़ाई को लड़ना पड़ेगा! अपने आने वाले युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा जन आंदोलन करने की आवश्यकता है!

मेरा यह मानना है कि बिना समय गवाएं, इस प्रदेश के व देश के स्वर्ण समाज परिवारों को सड़कों पर एक बड़ा जन आंदोलन करने के लिए तैयार होना चाहिए! व जल्दी ही इस आंदोलन को सक्रिय तौर पर करने के लिए रणनीति बनानी चाहिए !क्योंकि अगर आज हम लोग अपने अधिकारों के लिए नहीं लड़े, तो आने वाले समय में स्वर्ण समाज को यह राजनीतिक दल और सरकारें अपने पैरों तले रौंद देंगी !आज जहां राजनीतिक दल, हिंदुत्व की विचारधारा रखने वाले संगठन, हिंदुत्व को एक करने की बात करते हैं !वहीं पर आरक्षण जैसी स्वर्ण विरोधी नीति व एट्रोसिटी एससी एसटी एक्ट जैसे काले कानून को बढ़ावा देने के लिए हिंदुत्व को बांटने का प्रयास करते हैं! यह नीतियां इस देश में असमानता को बढ़ावा दे रही हैं! फिर से जातिवाद को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका निभा रही है !आज हमारी आवश्यकता स्वर्ण आयोग का गठन है ,जो स्वर्ण परिवारों के पक्ष में मजबूत नीतियों व योजनाओं को बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाए !ठाकुर ने उदाहरण देते हुए बताया कि 2015 में बिहार के चुनाव में नीतीश कुमार ने स्वर्ण आयोग का मुद्दा उठाया था, जिसमें पूर्ण बहुमत के साथ नीतीश कुमार ने अपनी सरकार बनाई !उसके बाद 2018 में स्वर्ण आयोग का गठन किया !लेकिन राजनीतिक नेताओं की वजह से वह स्वर्ण आयोग राजनीति की बलि चढ़ गया! ठाकुर ने कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं ,कि हिमाचल प्रदेश में स्वर्ण आयोग के गठन की मांग को पुरजोर ब जोरदार तरीके से उठाया जाएगा! जिसमें किसी भी राजनीतिक दल को हस्तक्षेप नहीं करने दिया जाएगा !

जो भी राजनीतिक दल स्वर्ण आयोग के गठन को लेकर विरोध करेगा तो हिमाचल प्रदेश का पूर्ण स्वर्ण समाज 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेगा !व स्वर्ण विरोधी नेताओं का बोरिया बिस्तर बंद करवाने में एक कदम भी पीछे नहीं हटेगा! ठाकुर ने चेतावनी देते हुए बताया कि अगर जल्दी ही स्वर्ण आयोग के गठन को लेकर सत्तादिन सरकार व विपक्षी राजनीतिक दल चर्चा नहीं करेंगे, तो दिल्ली मैं चल रहे किसान आंदोलन की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश को चारों तरफ से बंद कर दिया जाएगा !साथ ही हिमाचल की राजधानी शिमला को भी चारों तरफ से पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा !जिसके लिए हमें चाहे लाठियां खानी पड़े ,चाहे गोलियां खानी पड़े ,चाहे जेल जाना पड़े ,स्वर्ण समाज पीछे नहीं हटेगा !

ठाकुर ने कहा कि जल्दी हिमाचल प्रदेश में स्वर्ण आयोग के मांग को लेकर गांव -गांव में शहर -शहर में बैठक शुरू की जाएंगी, जनसभाएं शुरू की जाएंगी! प्रत्येक स्वर्ण परिवार को संगठनों के साथ जोड़ा जाएगा! और एक बहुत बड़ा जन आंदोलन हिमाचल प्रदेश में किया जाने वाला है! जिसके लिए सभी राजनीतिक दल व सरकार तैयार रहें!