किश्तवाड़: एक साल में चार बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले हिजबुल के तीन आतंकी गिरफ्तार

जम्मू कश्मीर : दस माह के दौरान किश्तवाड़ में हुईं चार वारदातों में शामिल तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन तंजीम के हैं। पुलिस ने इन वारदातों का मास्टर माइंड मोहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर सरूरी को करार दिया है, जिसके समेत कुल 55 लोगों की तलाश की जा रही है।

पकड़े गए तीन आतंकियों की पहचान निशाद अहमद, आजाद हुसैन और निसार अहमद शेख के रूप में हुई है। इन तीनों ने  किश्तवाड़ के ही रहने वाले इन तीनों आरोपियों ने वारदातों में सरगना और साथियों की मदद की थी। आईजीपी जम्मू मुकेश सिंह ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में इसका खुलासा किया है।

आईजीपी ने बताया कि वर्ष 2016-2017 में सरूरी ने चिनाब घाटी में आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने की प्लानिंग बनाई। सरूरी ने निसार अहमद शेख, जाहिद और ओसामा हारून को वारदातों की साजिश में शामिल किया। इसी दौरान किश्तवाड़ का रहने वाला रुस्तम नाम का व्यक्ति भी इनके साथ जुड़ गया। रुस्तम ने निसार अहमद शेख और ओसामा के कहने पर अपने साथ निशाद अहमद और आजाद हुसैन नाम के दो और लोगों को अपने साथ जोड़ा।

इसके बाद इन तीनों के घरों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए हाइड आउट बनाए गए। सुनियोजित तरीके से सबसे पहले भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई की हत्या की गई। इसके बाद डीसी के पीएसओ का हथियार छीना गया। तीसरी वारदात में संघ नेता की हत्या की गई, जिसके बाद पीडीपी नेता के पीएसओ का हथियार छीना गया।

आईजीपी के अनुसार पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर इन वारदातों को अंजाम देने वालों का एक एक कर पता लगाया। वारदातों में शामिल छह आतंकी अभी भी सक्रिय रूप से चिनाब घाटी में हैं। जबकि इनके साथ काम करने वालों की कुल संख्या 55 है। चारों आतंकी वारदातों को ओसामा, निसार और जाहिद ने मिलकर अंजाम दिया। सभी घटनाओं की प्लानिंग निशाद अहमद और आजाद हुसैन के घर पर बनी।

चिह्नित 55 चेहरों में एक कश्मीरी  
किश्तवाड़ में आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले नेटवर्क में जिन 55 चेहरों की तलाश की जा रही है, उनमें से लगभग सभी चिनाब घाटी के ही रहने वाले हैं। च्रंदकांत शर्मा और पीडीपी नेता से हथियार छीनने की घटना में शामिल एक आतंकी मोइन उल इस्लाम कश्मीर घाटी का रहने वाला है।