21 महीने बाद लेह से दिल्ली को दौड़ी एचआरटीसी बस

देश के सबसे लंबे दिल्ली-लेह रूट पर ठीक 21 महीनों बाद बस सेवा शुरू हो गई है। गुरुवार सुबह पांच बजे लाहुल-स्पीति जिला के एसपी मानव वर्मा ने पहले केलांग से लेह के लिए बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। इससे पहले आरएम केलांग मंगल चंद मनेपा ने मुख्यातिथि का लाहुली परंपरा के साथ स्वागत किया। सिंतबर, 2019 से यह बस सेवा कोरोना वैश्विक महामारी के चलते देश में लगे लॉकडाउन के कारण बंद पड़ी थी। सरकार ने गुरुवार से इंटरस्टेट बस सेवा शुरू कर दी है। ऐसे में हिमाचल पथ परिवहन केलांग डिपो ने सबसे लंबे बस रूट दिल्ली-लेह बस शुरू कर दी है। पहले बस केलांग से लेह जाएगी। इसके बाद लेह से दिल्ली रवाना होगी। आरएम केलांग मंगल चंद मनेपा ने कहा कि दिल्ली-लेह रूट 1026 किलोमीटर है। केलांग-लेह की दूरी 365 किलोमीटर है। बारालाचा होकर बस लेह पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि पहले दिन पांच यात्री केलांग से लेह गए। चालक-परिचालक और पांच सवारियों का लाहुली परंपरा खतक पहनाकर एसपी ने स्वागत किया और यात्रा की शुभकामनाएं दी। बाकायदा आरटीसीपीआर रिपोर्ट के साथ इन्हें लेह के लिए भेजा गया। केलांग-लेह का किराया 587 और दिल्ली-लेह के बीच का सफर 1606 रुपए में होगा।

इन दर्रों से गई बस

जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति में पडऩे वाले बारालाचा, नकी, लाचुंग और तंगलंग दर्रे से होकर केलांग डिपो की बस लेह के लिए गई।

32 घंटे का सफर

अटल टनल ने दिल्ली-लेह की दूरी को 46 किलोमीटर कम कर दिया है। पहले दिल्ली से लेह को 36 घंटे लगते थे, अब 32 घंटों में सफर तय होगा।

लिम्का बुक में दर्ज

बता दें कि ऊंचे गांव और दर्रे होकर देश के सबसे लंबे रूट पर बस चलाने पर वर्ष 2017 में हिमाचल पथ परिवहन केलांग डिपो की सेवाएं लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज हुई है। यह बस एशिया के सबसे ऊंचे गांव किब्बर, 16020 फुट ऊंचे बारालाचा दर्रा, 15552 फुट ऊंचे नकी दर्रा, 16620 फुट ऊंचे लाचुंग दर्रा आक्र 17480 फुट ऊंचे तंगलंग दर्रा होकर यह बस लेह जाएगी।

71 रुपए किराया कम

पहले बस रोहतांग दर्रा होकर जाती थी। गत वर्ष तक मनाली-लेह का किराया 1727 रुपए लगते थे। अब बस अटल टनल से होकर जाएगी और यात्रियों को 71 रुपए किराया कम यानी 1656 रुपए देने होंगे।