हिमाचल: स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। प्रदेश का परिणाम 99.7 प्रतिशत रहा है। 0.3 प्रतिशत छात्र पास नहीं हुए हैं। ये वो छात्र हैं जिन्होंने परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए तय सात मानदंडों को पूरा नहीं किया है। शिक्षा बोर्ड ने 10वीं की मेरिट लिस्ट जारी नहीं की है। मिली जानकारी के मुताबिक हमीरपुर जिले के सुजानपुर के छात्र की याचिका पर हाईकोर्ट ने दसवीं परीक्षा परिणाम की मेरिट सूची पर रोक लगाई है। हिंदी विषय की परीक्षा देने पहुंचे कोरोना संक्रमित छात्र को स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से रोका दिया था।

स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षा परिणाम घोषित करने के फार्मूले से छात्र संतुष्ट नहीं है। छात्र ने कहा कि कोरोना संक्रमित होने के चलते परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा ले। विद्यार्थी ने प्रदेश उच्च न्यायालय में परीक्षा परिणाम को लेकर याचिका दायर की थी। इसको देखते हुए छात्र के लिए अब 12 जुलाई को 10वीं के हिंदी विषय की परीक्षा
होगी। याचिकाकर्ता छात्र ने सहानुभूतिपूर्ण सुनवाई पर उच्च न्यायालय का आभार जताया है। बोर्ड ने दसवीं के परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए सात मानदंड तय किए थे। इनमें नौवीं कक्षा, प्रैक्टिकल, इंटरनल असेसमेंट, फर्स्ट और सेकेंड टर्म इग्जाम, प्री-बोर्ड और बोर्ड की ओर से लिए गए हिंदी विषय के पेपर का मूल्यांकन करवाकर परिणाम तैयार किया गया। हालाकि प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों को पहले ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया है। मैट्रिक में 1,31,902 परीक्षार्थी हैं, जिनमें से 1,16,973 नियमित व 14,929 एसओएस से संबंधित हैं।
इससे पहले सुबह प्रेस वार्ता कर शिक्षा बोर्ड की लोक संपर्क अधिकारी अंजु पाठक ने बताया था कि हाईकोर्ट में कुछ छात्रों का मामला विचाराधीन है जिसे लेकर बोर्ड को आज परिणाम घोषित नहीं करने को लेकर निर्देश प्राप्त हुए हैं। लेकिन शाम को बोर्ड ने परिणाम घोषित कर दिया।

बीते वर्ष शिक्षा बोर्ड ने 9 जून को 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित किया था। प्रदेश का परीक्षा परिणाम 68.11 फीसदी रहा था। 10वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में जिला कांगड़ा के इशान पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल समलोटी की छात्रा तनु ने 98.71 (691/700) फीसदी अंक लेकर पूरे प्रदेश में टॉप किया था। मेरिट लिस्ट में पहले तीन स्थानों पर पांच विद्यार्थियों में तीन लड़कियां और दो लड़के थे।