हिमाचल सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट से पूर्व 45,000 करोड़ निवेश के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने में हुई सफल : मुख्यमंत्री

हिमाचल सरकार ने प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया है ताकि हिमाचल प्रदेश को निवेश का हब बनाया जा सके। मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने यह बात आज शिमला में आयोजित मिनी काॅन्क्लेव की अध्यक्षता करते हुए कही। इस मिनी काॅन्क्लेव में मुख्य रूप से पर्यटन, आवास, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, आईटी तथा आईटीईएस क्षेत्रों में निवेशकों से उत्साहवर्धक रूचि देखने को मिली है। आज 93 एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो राज्य के लिए 4775 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करेंगे। इसमें अकेले पर्यटन क्षेत्र से संबंधित 47 समझौता ज्ञापन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि शिमला में यह मिनी काॅन्क्लेव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रधानमंत्री के देश में निवेश को आकर्षित करने के प्रयासों में से एक है क्योंकि इससे न केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश और राज्य के युवाओं को पर्याप्त रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अब तक राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में 45000 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले दिन से यह सुनिश्चित किया है कि सरकार का प्रत्येक निर्णय प्रदेश के लोगों के कल्याण और विकास के प्रति समर्पित हो। उन्होंने कहा कि राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करना है। देश के सभी प्रमुख राज्य निवेशकों को लुभाने के लिए इस तरह के इन्वेस्टर मीट का आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों ने भी अंतर्राष्ट्रीय रोडशो आयोजित किए परन्तु हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित जर्मनी, नीदरलैंड और यूएई में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रोडशो और दिल्ली, बैगलूरू, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद और चंडीगढ़ में घरेलू रोडशो में निवेशकों से इस प्रदेश में निवेश करने के प्रति विशेष रूचि देखने को मिली है।

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि राज्य का शांतिपूर्ण वातावरण, पुरातन सांस्कृतिक विविधता और भाषाई बहुलता उद्यमियों को निवेश के लिए विशेष विकल्प प्रदान करती है। राज्य सरकार निवेशकों को परियोजनाओं की स्वीकृति दिलाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से दक्षता, पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि एकल खिड़की निगरानी एवं निष्पादन प्राधिकरण इस दिशा में राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित नई औद्योगिक नीति निवेश आकर्षित करने के लिए एक नई पहल है। राज्य में बिजली, पर्यटन, आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, शिक्षा, विनिर्माण क्षेत्र आदि में निवेश की अपार संभावनाएं हंै। उन्होंने कहा कि राज्य देश के सेब राज्य के रूप में जाना जाता है। इस लिए यहां फल प्रसंस्करण और फल आधारित उद्योगों के लिए अपार क्षमताएं हैं।

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि मिनी काॅन्क्लेव का उद्देश्य प्रदेश के उद्यमियों और निवेशकों की समस्याओं को सुनना और उनका निवारण सुनिश्चित करना है ताकि वे ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि हाल ही में कुल्लू जिले के मनाली में भी इस तरह के मिनी काॅन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें 2219 करोड़ रुपये के निवेश के 93 एमओयू हुए थे। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का हिस्सा बनने का आग्रह किया और इस तरह राज्य के विकास में अपना योगदान देने का भी आग्रह किया।

शिक्षा मंत्री श्री सुरेश भारद्धाज जी ने कहा कि सरकार व्यापार में सुगमता पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि देव भूमि हिमाचल का शांत वातावरण निवेश के लिए लोकप्रिय गन्तव्य बनाता है। प्रदेश में अनेक ख्याति प्राप्त शैक्षणिक संस्थान हैं जो इसे देश का ‘‘एजुकेशन हब’’ बनाता है। प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश के इच्छुक संभावित निवेशकांे के लिए विभिन्न प्रोत्साहनों की घोषणा की है। शहरी विकास मंत्री श्रीमती सरवीन चौधरी जी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट का संकल्प और इसे आयोजित करने का निर्णय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के दूरदर्शी नेतृत्व में लिया गया है, जिसका लक्ष्य प्रदेश में 85000 करोड़ रूपये का निवेश आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि आवास और शहरी विकास क्षेत्र में निवेश की अपार सम्भावनाएं हैं।

मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकान्त बाल्दी जी ने इस अवसर पर इन्वेस्टमेंट आॅपरच्यूनिटीज इन टूरिजम एंड हाॅउसिंग सेक्टर पर एक प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न जलवायु परिस्थितियां और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण हिमाचल को पर्यटकों और साहसिक प्रेमियों का पसंदीदा गन्तव्य बनाता है। हर वर्ष दो करोड़ पर्यटक प्रदेश मंे भ्रमण के लिए आते हैं। राज्य में पर्यटन क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों की सुविधा के लिए नई पर्यटन नीति-2019 बनाई गई है।

प्रधान सचिव सूचना प्रौद्योगिकी श्री जेसी शर्मा ने इस अवसर पर इन्वेस्टमेंट आॅपरच्यूनिटीज इन आईटी एण्ड आईटीईएस एंड इलेक्ट्राॅनिक सेक्टर पर एक प्रस्तुति दी। उन्हांेने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद में सूचना प्रौद्योगिकी की आठ प्रतिशत हिस्सेदारी है और राज्य मंे इस क्षेत्र में निवेश की व्यापक सम्भावनाएं हैं। उन्हांेने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को दिए जाने वाले आर्थिक प्रोत्साहनों के संबंध मंे भी जानकारी दी। प्रधान सचिव शिक्षा श्री के.के. पंत ने इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री संजय कुंडू ने मिनी कॅान्क्लेव को सफल बनाने के लिए उद्यमियों का आभार प्रकट किया और उन्हें धर्मशाला में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट के लिए राज्य सरकार की ओर से आमंत्रित किया। निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा ने इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों के संबंध में जानकारी देते हुए अद्यौगिक क्षेत्र ने निवेश करने के विभिन्न कारणों के संबंध में जानकारी दी।
ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट के नेशनल पार्टनर सीआईआई हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष हरीश अग्रवाल ने भी इस अवसर पर प्रदेश को निवेशकों के लिए श्रेष्ठ गन्तव्य बनाने वाले विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्हांेने सीआईआई द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट के सफल आयोजन हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश सम्भावनाओं के संबंध मंे शार्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई।