हिमाचल में 300 प्राइवेट कॉलेजों के प्रिंसिपलों की योग्यता की जांच, एक VC की गई कुर्सी

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में चल रही प्राइवेट यूनिवर्सिटियों के अयोग्य कुलपतियों पर निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग की सख्ती का बड़ा असर देखने को मिल रहा है. दो निजी विवि के वीसी के इस्तीफे के बाद एक और यूनिवर्सिटी के कुलपति (VC) की कुर्सी चली गई है. सोलन जिले में स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी ने अयोग्य वाइस चांसलर (Vice Chancellor) को हटा दिया है और उसके स्थान पर नए वीसी की नियुक्ति की प्रकिया शुरू कर दी है.

निजी विश्वविद्यालयों के बाद अब नियामक आयोग ने प्राइवेट कॉलेजों (Private College) के प्रिंसिपलों की योग्यता की जांच की प्रकिया शुरू कर दी है. प्रदेश में सभी तरह के निजी कॉलेजों और संस्थानों की संख्या 300 से ज्यादा बताई जा रही है.

क्या बोला आयोग
आयोग के चेयरमैन मेजर जनरल(रि.) अतुल कौशिक ने कहा कि निजी कॉलेजों से 15 दिसंबर तक जानकारी मांगी गई है कि प्रिंसिपल की नियुक्ती किस आधार पर हुई है और उनकी योग्यता क्या है?
आधा दर्जन कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत

आयोग के चेयरमैन का कहना है कि करीब आधे दर्जन निजी कॉलेजों और संस्थानों के प्रिंसिपलों के खिलाफ शिकायत मिली थी कि ये अयोग्य हैं. इसको देखते हुए आयोग ने सभी प्रिंसिपलों की योग्यता को जांचने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि एक फॉर्मेट तैयार किया गया है, उस फॉर्मेट में प्रिंसिपल से संबंधित पूरी जानकारी देनी होगी. निजी संस्थानों को 15 दिंसबर तक का समय दिया गया है. उसके बाद आयोग एक कमेटी का गठन करेगा और वो कमेटी योग्यता को लेकर एक रिपोर्ट तैयार कर आयोग को देगी, उस रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.