हिमाचल में भूकंप के झटके, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

उत्तर भारत में शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे आए भूकंप से हिमाचल में भी धरती कांप उठी। प्रदेश के अधिकांश जिलों में शुक्रवार रात 10:34 से 10: 36 बजे के बीच भूकंप के दो से तीन झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 आंकी गई है। भूकंप के झटके महसूस होते ही कई लोग घरों से बाहर निकल आए।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि उत्तर भारत में आए हुए भूकंप के झटकों को हिमाचल में भी महसूस किया गया। उन्होंने बताया कि अभी जानमाल के नुकसान की कहीं से भी कोई सूचना नहीं है। हमीरपुर, सोलन, सिरमौर, ऊना, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, शिमला, बिलासपुर आदि जिलों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार 5 मिनट की अवधि में दो भूकंप आए। भूकंप का इसका पहला केंद्र ताजिकिस्तान रहा और दूसरा केंद्र पंजाब का अमृतसर रहा। ताजिकिस्तान में भूकंप की तीव्रता 6.3 रही, जबकि अमृतसर में 6.1 तीव्रता मापी गई।

कांगड़ा जिले में भूकंप के झटके काफी देर तक लगते रहे। लोग डर के मारे घरों ओर होटलों से बाहर भाग आए। घरों के अंदर  सामान जब हिलने लगा तो लोगों को भूकंप का अहसास हुआ। कांगड़ा में भूकंप के दो झटके महसूस हुए। धर्मशाला के विक्रम, बलराम संदीप और साक्षी ने बताया कि भूकंप आने के बाद कुछ समय तक पंखे हिलते रहे। केंद्रीय विवि जम्मू में तैनात एवं धर्मशाला कॉलेज में रहे वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक  सुनील धर ने बताया कि जिला कांगड़ा भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यही वजह है कि इस जोन में बार-बार  भूकंप के छोटे झटके लगते रहते है।

बता दें कि उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के पूर्वानुमान की अब और अधिक सटीक जानकारी मिलेगी। भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई और यूसर्क की ओर से देहरादून के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता में राज्य का पहला रेडान सेंटर स्थापित किया गया है।