हिमाचल में पहली बार होगा कड़कनाथ मुर्गा पालन, किसानों को होगा फायदा

हिमाचल प्रदेश में पहली बार कड़कनाथ मुर्गों का पालन किया जाएगा। इससे किसानों की आय सुदृढ़ होगी। पशुपालन विभाग प्रदेश के किसानों को कड़कनाथ मुर्गों के 25-25 चूजे निशुल्क देगा। इसके लिए पशुपालन विभाग ने सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन में सरकार से इसकी अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद इच्छुक लाभार्थियों को 25-25 चूजे निशुल्क वितरित किए जाएंगे। प्रदेश में कई जगह लोग कड़कनाथ मुर्गे पाल रहे हैं। बाजार में इसका एक चूजा 70 से 150 रुपये तक मिलता है। कड़कनाथ मुर्गों की पहचान करना बेहद आसान है। कड़कनाथ मुर्गा काले रंग की होता है। इसकी कगली, टांगें और आंखों का रंग काला होता है। यह मुर्गा वजन में एक से डेढ़ किलो का रहता है। मुर्गे का मांस भी काले रंग का होता है।

हृदय रोगियों के लिए फायदेमंद इस मुर्गे का मांस, एक अंडा 60 रुपये तक
कड़कनाथ मुर्गे का मांस प्रोटीन से भरपूर होता है। अन्य मुर्गों के मुकाबले इसमें भारी मात्रा में प्रोटीन पाई जाती है। इस मुर्गे में अमीनो एसिड भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। खास बात यह है कि कड़कनाथ मुर्गे के मांस में बेहद कम कोलेस्ट्रोल होता है, जो हृदय रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होता है। कड़कनाथ मुर्गे का मांस बाजार 800 से एक हजार रुपये तक प्रति किलो होता है। इसका अंडा भी 30 से 60 रुपये तक बिकता है। – डॉ संदीप मिश्रा, असिसटेंट प्रोफेसर, पशुपालन विभाग, पालमपुर

सूबे में कड़कनाथ मुर्गों के पालन की विभाग तैयारी कर रहा है। इसके लिए विभाग ने सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। अनुमति मिलने के बाद इच्छुक लाभार्थिकों को 25-25 चूजे दिए जाएंगे। – डॉ संजीव धीमान, उप निदेशक, पशुपालन विभाग कांगड़ा