हिमाचल: भारी बर्फबारी के कहर, गांवों के लोग हुए पलायन

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लाहौल स्पीति: बर्फबारी के दौरान मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कोकसर पंचायत के लोगों को दशकों से पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कोकसर का प्राइमरी स्कूल भी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। इसके अलावा भारी बर्फबारी की जद्द में आने से आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी कोकसर के चिकित्सक को भी जिला मुख्यालय केलांग भेजा गया है।

हर साल सर्दी में लाहौल की कोकसर पंचायत के गांव कोकसर, डिम्फुक और रमथंग के लोग यहां से सर्दी में तीन-चार माह के लिए जिला से बाहर पलायन कर देते हैं। ऐसे में प्राथमिक पाठशाला कोकसर को भी विंटर के लिए वोगचा और आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में तैनात डॉक्टर को केलांग भेजा गया है।

हालांकि यह अधिकारियों के फरमान पर नहीं, बल्कि पंचायत की ओर से अनापत्ति पत्र पर इन्हें दूसरे जगह के लिए शिफ्ट किया गया है। सर्दी के दिनों में कोकसर पंचायत के लोगों के पलायन से यहां तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को भी शिफ्ट किया जाता है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पलायन होना उनका शौक नहीं है, बल्कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मजबूरी बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार कोकसर पंचायत में मूलभूत सेवाएं दे तो क्षेत्र के लोग पलायन नहीं करेंगे। लाहौल घाटी के प्रवेश द्वार कोकसर पंचायत में दिक्कतें कब दूर होगी।