हिमाचल प्रदेश में तबाही: लाहौल में बाढ़ ने लील ली सात की जिंदगी, रेस्क्यू जारी

रेड अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश में मंगलवार रात से जारी भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। लाहौल स्पीति के तोजिंग नाले में बाढ़ की चपेट में आने से सात लोगों की मौत हो गई। तीन अन्य की तलाश जारी है। हालांकि समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मृतकों की संख्या 9 हो चुकी है लेकिन इसकी पुष्टि अभी हमारे रिपोर्टर ने नहीं की है।आईटीबीपी, बीआरओ, पुलिस और प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चला रखा है। मलबे में शवों की तलाश करने में जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेज राम (75), देसराज (42) निवासी धमसोई और ऐतम राम (60) निवासी पनारसा, मंडी को रेस्क्यू किया गया है।

मृतकों की पहचान
नीरथ राम (42), टकोली, जिला मंडी।
शेर सिंह (62), भीमसेई, जिला मंडी।
रूम सिंह (49), भीमसेई, जिला मंडी।
मेहर चंद (49), भीमसेई, जिला मंडी। (गाड़ी का मालिक HP 34D-9109)
मोहम्मद शरीफ, कुंदरदान, जिला रियासी, जम्मू-कशमीर।
दो अन्य शव बरामद हुए हैं जिनकी पहचान नहीं हो पाई है।

कुल्लू जिला में 25 वर्षीय महिला अपने चार वर्षीय बच्चे के साथ पार्वती नदी में बह गई है। इसके अलावा कुल्लू में दिल्ली की एक पर्यटक महिला और एक स्थानीय व्यक्ति भी लापता है। किन्नौर में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। 

शिमला-कालका नेशनल हाइवे जगह-जगह भूस्खलन से बंद हो गया है। इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। हमीरपुर की पटेरा पंचायत के पास सड़क पर बस पलट गई हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

मंगलवार रात से बुधवार सुबह आठ बजे तक प्रदेश में सबसे अधिक बारिश धर्मशाला में 101 मिलीमीटर रिकॉर्ड हुई। राजधानी शिमला में भी कई जगह भूस्खलन होने से गाड़ियां दब गई हैं।

प्रदेश भर में सैकड़ों सड़क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है। चंडीगढ़-मनाली एनएच पर हणोगी के पास खोती नाला में वाहन मलबे में दब गए और सड़क मार्ग अवरूद्ध हो गया है।