हिमाचल प्रदेशः जानिए मंडी, शिमला, कांगड़ा और सिरमौर की चार पंचायताेेें ने क्यों कमाया नाम

हिमाचल प्रदेश के मंडी, शिमला, कांगड़ा और सिरमौर जिलों की चार पंचायतों को भारत सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की वार्षिक पत्रिका में स्थान मिला है। यह उपलब्धि मनरेगा, स्वच्छ भारत अभियान, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण में सराहनीय पहल करने पर मिली है। इन पंचायतों में सीएम जयराम ठाकुर की गृह पंचायत मुरहाग, जामन की सैर, धामून और आइमा पंचायत शामिल हैं। डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि मुरहाग पंचायत मनरेगा में एक माॅडल पंचायत है। जिसने बेहतरीन काम किया है।

मनरेगा पार्क बना मुरहाग की शान
मुरहाग पंचायत में 5 बीघा भूमि पर पार्क बनाया गया है। जिसमे मनरेगा के जरिये 1 करोड़ 20 लाख रुपये की धनराशि खर्च की गई। मनरेगा पार्क में स्वरोजगार से जुड़े 10 घटक शामिल किए गए हैं।
सिंचाई सुविधा को लेकर जामन की सेर पंचायत बनी प्रेरणा
विकास खंड पच्छाद की जामन की सेर पंचायत ने अछला चंद्रा प्रोजेक्ट में अप्रैल 30- 2019 को नाले का पानी स्टोर करके सिंचाई टैंक के कार्य को पूरा किया। इससे गांव के 10 परिवारों को लाभ पहुंचाया गया। इस जल से 2 हेक्टेयर जमीन को सिंचित किया जा सकता है।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन गतिविधियों में धामून का बोलबाला
विकास खंड मशोबरा की धामून पंचायत ने पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बाघली और भवाना गांवों में सड़क किनारे 300 मीटर तक पौधरोपण किया। इस पंचायत ने देवदार, अमरूद और फूलों के पौधे रोपित।

ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर आइमा पंचायत का हुआ नाम
भवारना विकास खंड की आइमा पंचायत ने 3 माह में स्वच्छ भारत अभियान में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए एक प्लांट तैयार किया और लोगों को रोजगार दिया गया। इस प्लांट से पूरे शहर के किचन वेस्ट और सैनेटरी नेपकिन को खाद में परिवर्तित करके इसका उत्पाद तैयार किया जाता है।