हिमाचल: निजी क्लीनिकों की होगी जांच, आदेश जारी

शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में क्लीनिकों और कर्मचारियों के डिग्री, डिप्लोमा की जांच पड़ताल करने की बात कही थी। गुरुवार को सरकार ने इस बाबत आदेश जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने निजी क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच के आदेश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की निगरानी में कमेटी गठित होगी। कमेटी के सदस्य क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों में छापे मारेंगे। रोहडू की महिला को एक क्लीनिक ने एचआईवी पॉजिटिव की रिपोर्ट थमा दी गई थी, इससे कोमा में जाने के बाद महिला की मौत हो गई थी।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए क्लीनिकों की जांच की जा रही है। हिमाचल में इन क्लीनिकों की संख्या सैकड़ों में है। कई क्लीनिकों के पास आधारभूत ढांचा तक नहीं है। टेस्टों के रेट भी जरूरत से ज्यादा हैं।

सरकार का मानना है कि इनके रेट भी फिक्स किए जाने हैं, ताकि जनता पर वित्तीय बोझ न पड़े। ऐसे क्लीनिकों में कई लोगों के पास डिप्लोमा नहीं है और वे टेस्ट के लिए मरीजों से ब्लड सैंपल ले रहे हैं।

सरकार के ध्यान में यह बात भी सामने आई है कि कई क्लीनिक ऐसे हैं, जिनकी रिपोर्ट एक दूसरे से मैच नहीं होती है। ऐसे में प्रयोगशाला में लगाई गई मशीनों की भी जांच पड़ताल होगी।

स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि निजी क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच करने के निर्देश दिए हैं। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसके चलते यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी इस मामले कड़ा संज्ञान लेने को कहा है। क्लीनिकों का रिकॉर्ड दफ्तर लाया जाएगा।