हिमाचल: धार्मिक स्थलों या आसपास किसी भी तरह के कीर्तन, जागरण पर पूरी तरह से रोक

हिमाचल प्रदेश में मंगलवार से शुरू हो रहे नवरात्र को देखते हुए सरकार ने धार्मिक स्थलों या आसपास किसी भी तरह के कीर्तन, जागरण या जगराते पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। नवरात्र पर मंदिरों में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन सेल ने आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि अगर इस तरह के कार्यक्रम धार्मिक स्थलों से दूर आयोजित करने हैं तो उसके लिए मास्क, सैनिटाइजर व दो गज की दूरी के नियम के अलावा जिला प्रशासन से मंजूरी व कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना होगा। इसमें भी बंद क्षेत्र में अधिकतम पचास लोगों और खुले स्थल पर अधिकतम 200 लोगों की मौजूदगी हो सकेगी।

हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि खुले स्थलों में जनहित में होने वाले प्रशासनिक या आधिकारिक कार्यक्रमों में अधिकतम दो सौ की बजाय सिर्फ क्षमता के पचास फीसदी ही लोग आ सकेंगे। स्कूलों को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। 21 अप्रैल तक विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को बंद रखा जाएगा। इस दौरान शिक्षण व गैर शिक्षण स्टाफ को बुलाने का फैसला संस्थानों के मुखिया पर छोड़ दिया गया है। रिहायशी स्कूलों के लिए कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एसओपी का पालन करने पर हॉस्टल बंद करने की जरूरत नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के लिए चिह्नित शिक्षण संस्थानों को परीक्षा से पहले अच्छी तरह से सैनिटाइज करना होगा। इसके लिए हर संस्थान में एक कंप्लायंस अफसर को नियुक्त करना होगा।

रेल व हवाई जहाज से आने वालों को भी निगेटिव रिपोर्ट लाने की सलाह
भारी कोविड मामलों वाले महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान और पंजाब से हिमाचल प्रदेश आने वाले पर्यटकों को आने से पहले 72 घंटे के अंदर आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट लाने की सलाह दी गई है। स्पष्ट किया गया है कि रिपोर्ट सड़क के साथ हवाई जहाज और ट्रेन से आने वाले यात्रियों को भी लानी होगी। यात्रियों या पर्यटकों के आने पर किसी प्रकार की रोक नहीं रहेगी। आदेश में इस बात का जिक्र नहीं किया गया है कि इस रिपोर्ट को कौन चेक करेगा।