हिमाचल: कसोल घाटी में एंट्री के लिए चुकाने होंगे ₹50 से 500 रुपये

कुल्लू. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू (Kullu) जिला की प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन नगरी मणिकर्ण में आने वाले पर्यटकों को अब साड्डा विकास शुल्क देना पड़ेगा. प्रशासन ने मणिकर्ण घाटी (Manikarna Valley) के रूमारोपा में साड़ा विकास शुल्क के लिए बैरियर स्थपित किया है. फिलहाल यह बैरियर मैनअली चलाया जा रहा है, लेकिन आने बाले दिनों में वूम बैरियर में फास्टटैग से फीस ली जाएगी. मणिकर्ण, कसोल पंचायत साड्डा में पड़ती है. ऐसे में प्रशासन ने पर्यटन को विकासित करने के लिए यहां पर इंफ्रास्टक्चर बढ़ाकर स्थानीय लोगों के साथ बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं बढ़ाई जाएगी.

डीसी कुल्लू एवं साड्डा मणिकरण के अध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने संबंध में बताया कि प्रशासन साड्डा विकास शुल्क के लिए बैरियर स्थापित किया है, जिसको लेकर आदेश जारी किया है. साडा विकास शुल्क हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत वाहनों पर नहीं लगेगा. डीसी एवं अध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने यह आदेश साडा क्षेत्र के सदस्यों ने पारित प्रस्ताव किया था.

दोपहिया वाहन का प्रवेश शुल्क 50 रुपये, कार के लिए 100 रुपये और एसयूवी और एमयूवी वाहनों के लिए शुल्क 300 रुपये, जबकि सभी प्रकार की बसों और ट्रकों के लिए यह शुल्क 500 रुपये लिया जाएगा. डीसी ने बताया कि मणिकर्ण घाटी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से एक सुप्रसिद्ध स्थल है. पर्यावरण संरक्षण और विकास के लिए मूलभूत सुविधाओं का सृजन करने के लिए फंड की आवश्यकता है. सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताते हुए प्रस्ताव पारित किया कि मनाली की तर्ज पर कसोल, मणिकर्ण में वाहनों के प्रवेश पर साड्डा विकास शुल्क लिया जाए.