हिमाचल: आठ महीने हिमाचल की धर्मशाला जेल में रहे थे लाला लाजपत राय

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की ओपन एयर जेल अंग्रेजी शासन की यादें आज भी ताजा करवाती हैं। अंग्रेजों ने पहाड़ी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों को नजरबंद करने के लिए वर्ष 1913 में इस जेल को बनाया था। स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय ने भी धर्मशाला की जेल में 21 अप्रैल 1922 से 9 जनवरी 1923 तक जेल काटी थी। उन्हें लाहौर (लाहौर अब पाकिस्तान में है) जेल से धर्मशाला जेल में शिफ्ट किया था।

आज भी धर्मशाला जेल में उनकी बैरक में उनकी कुर्सी पूरी सुरक्षित रखी गई है। जेल में उनकी प्रतिमा स्थापित कर स्मारक भी बनाया गया। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस जेल का नाम भी बदलकर लाला लाजपत राय जिला और ओपन एयर जेल कर दिया है। जेल के रिकॉर्ड के मुताबिक इस जेल में कांगड़ा के 24 और हमीरपुर के सुजानपुर के तीन स्वतंत्रता सेनानियों ने सजा काटी है।

1913 में थे कुल चार बैरक
अंग्रेजों ने धर्मशाला जेल में उस समय कुल चार बैरक थे। जिसमें एक बैरक में 8 बाए 8 फीट के दम कमरे बनाए गए थे। हर कमरे में एक-एक कैदी को रखा जाता था और उन्हें अंग्रेजों की कई प्रताड़नाओं को सामना करना पड़ता था।

धर्मशाला के जेल के अधीक्षक विकास भट्टनागर ने कहा कि अंग्रेजों ने इस जेल की स्थापना 1913 में की थी। स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय ने यहां 8 माह 19 दिन की जेल काटी थी। आज भी जेल में उनकी कुर्सी को संभालकर रखा गया है।

धर्मशाला जेल में अंग्रेजी हुकूमत के समय सजा काटने वाले प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में नौ लोगों नाम ताम्र पत्र में अंकित है। इसके अलावा इस जेल में कांगड़ा के 24 और सुजानपुर के 3 स्वतंत्रता सेनानियों को तीन महीने से लेकर एक साल तक रखा गया था।

लाला लाजपत राय, निवासी लाहौर, मौलवी हबीबुर रहमान, लुधियाना, मौलवी हबीबुर रहमान, लुधियाना, बासी राम पुत्र मनी राम, कांगड़ा, सरला मित्र पुत्र मिका राम, कांगड़ा, पंचम चंद कटोच, धर्मशाला, सर्दूल सिंह कविशर, लाहौर, युद्धवीर सिंह, निवासी लाहौर, ज्ञान चंद पुत्र लबा राम, सुजानपुर, गुरदीता पुत्र गौसेन, बारा ज्वालामुखी, घसीटू, बारा ज्वालामुखी, सरतू , बारा ज्वालामुखी, सिंकू, बारा ज्वालामुखी, बंगली पुत्र अच्छारू, ज्वालामुखी, जवारी पुत्र गुरदीता, ज्वालामुखी, ब्रह्मू पुत्र नयारू, ज्वालामुखी, प्रभु पुत्र घसीटू, ज्वालामुखी, मंगतू पुत्र अच्छरू, ज्वालामुखी, चूहडू पुत्र बरडू, ज्वालामुखी, शंभू पुत्र सरदू, ज्वालामुखी, बादुर सिंह, अप्पर धर्मशाला, तुबी निवासी सुजानपुर, रफूल सिंह, सुजानपुर, प्रीतम सिंह, कांगड़ा, ठाकुर दबजू, कांगड़ा, रत्न चंद, नूरपुर, मनोहर लाल, धर्मशाला, राम चंद, नूरपुर, गुलाम मोहम्मद, शाहपुर, जमीन मोहम्मद, शाहपुर, शाकर पुत्र काले, हरिपुर ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस जेल में सजा काटी थी।