हिमाचल: अगस्त में 29 दिन बरसे बादल फिर भी सामान्य से 44 फीसदी कम बारिश

 हिमाचल प्रदेश में अगस्त में 29 दिन बादल बरसे लेकिन प्रदेश में सामान्य से 44 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई। इस दौरान 146 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि 262 मिलीमीटर बारिश को इस अवधि में सामान्य माना गया है। वर्ष 2009 के बाद इस बार अगस्त में सबसे कम बारिश हुई है। अगस्त 2009 में सामान्य से 52 फीसदी कम बारिश हुई थी। प्रदेश में बीते वर्ष अगस्त के दौरान सामान्य से एक फीसदी अधिक बादल बरसे थे। इस वर्ष अगस्त में 13 दिन पूरे प्रदेश में बादल झमाझम बरसे हैं।13 जून से प्रदेश में शुरू हुए मानसून सीजन के दौरान अभी तक 18 फीसदी कम बारिश हुई है। सिर्फ मंडी और कुल्लू जिला में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है।

शेष दस जिलों में अभी तक सामान्य से कम बादल बरसे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि इस वर्ष अगस्त में सिर्फ मंडी जिला में सामान्य से अधिक बारिश हुई। चंबा, लाहौल स्पीति और सिरमौर जिला में सामान्य से बहुत कम बारिश दर्ज हुई। उन्होंने बताया कि अगस्त में अभी तक वर्ष 2019 में सबसे अधिक बारिश हुई है। तब प्रदेश में सामान्य से 24 फीसदी अधिक बादल बरसे थे। निदेशक ने बताया कि अगस्त में मानसून अधिक दिनों तक सक्रिय नहीं रहा। प्रदेश में हालांकि बारिश अधिक दिनों तक हुई लेकिन मानसून कमजोर रहने से बारिश की मात्रा कम रही।                                                                                                                                    पांच जगह भूस्खलन, चार जगह आई बाढ़
प्रदेश में अगस्त के दौरान किन्नौर, कुल्लू, लाहौल स्पीति और सोलन में पांच जगह भूस्खलन की घटनाएं हुईं जबकि कुल्लू, किन्नौर और लाहौल स्पीति में बाढ़ आई। तीन अगस्त को सोलन के कसौली में, नौ को किन्नौर के पागलनाला, 11 को किन्नौर के निगुलसेरी, 25 को लाहौल स्पीति के कौरिक-काजा और 27 अगस्त को कुल्लू के अमर बाग और निथर में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। सात अगस्त को लाहौल स्पीति के मूरिंग, कवांग और कामरिंग नाला, 11 को किन्नौर के चारंग खड्ड, 27 अगस्त को कुल्लू के चक्की नाला रोड और लाहौल स्पीति के शाकोली नाला (उदयपुर) में बाढ़ आई थी।