स्ट्रेचर के सहारे 15 किमी पैदल बर्फ पर चलकर हाईवे तक पहुंचाया बुजुर्ग मरीज  

हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी को बर्फ की कैद से छुटकारा दिलाने के लिए भले ही अटल टनल रोहतांग अहम भूमिका निभा रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। बर्फबारी से चौखंग-नैनगार सड़क बंद होने से ग्रामीणों ने 90 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को 15 किलोमीटर स्ट्रेचर पर उठाकर हाईवे तक पहुंचाया। यहां से मरीज को वाहन से कुल्लू अस्पताल लाया गया। वृद्ध की हालत स्थिर है। पट्टन घाटी के नैनगार गांव के टशी तंडुप पिछले कुछ दिनों से बीमार हैं।

दो दिन पहले उन्हें खून की उल्टियां शुरू हो गईं, जिससे उनकी तबीयत और बिगड़ गई। समीप के चौखंग गांव में तैनात स्वास्थ्य कर्मी ने प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को कुल्लू अस्पताल ले जाने को कहा। गांव का संपर्क मार्ग बर्फबारी के कारण बंद होने से चौखंग, नैनगार और छोगजिंग के ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए मरीज को स्ट्रेचर में डालकर 15 किमी पैदल बर्फ पर उठाकर केलांग-उदयपुर हाईवे तक पहुंचाया।
मरीज के पोते शुभम ने बताया कि उन्हें घर से दादा के बीमार होने की सूचना मिली। वह कुल्लू से निजी वाहन लेकर लाहौल पहुंचे, लेकिन गांव को जाने वाली संपर्क सड़क बंद होने से वाहन हाईवे पर छोड़ना पड़ा। उधर, सीएमओ लाहौल-स्पीति डॉ. पलजोर ने बताया कि उन्हें अभी तक बुजुर्ग मरीज के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
लोक निर्माण विभाग चिनाब डिवीजन के अधिशाषी अभियंता बीएस नेगी ने बताया कि मौसम खुलने के बाद घाटी की संपर्क सड़कों से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग को सड़क मार्ग बहाल करने के लिए कई बार कहा, लेकिन मांग को अनसुना किया गया।