सीएम के गृह जिले में भाजपा की उम्मीदों को झटका, सिर्फ सुंदरनगर में ही मिली एकतरफा जीत

शहरी निकाय के चुनावों में सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी में भाजपा की एकतरफा जीत की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। 6 में से सिर्फ सुंदरनगर निकाय में ही जीत के साथ भाजपा अपना लोहा मनवा सकी है। अन्य में निर्दलीय उम्मीदवारों व कांग्रेस का पेच फंसा है। रिवालसर और जोगिंद्रनगर में बाजी कांग्रेस के हाथ में है।

सांसद रामस्वरूप शर्मा के गृह निकाय जोगिंद्रनगर में कांग्रेस ने आला प्रदर्शन किया है। सरकाघाट, नेरचौक और करसोग में कांग्रेस और भाजपा अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। निर्दलीय भी हावी नजर आ रहे हैं। ऐसे में सुंदरनगर को छोड़ भाजपा प्रत्याशी अन्य निकायों में क्लीन स्वीप नहीं दिलवा सके हैं। इसके चलते अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद की दौड़ को लेकर अन्य निकायों में भाजपा के पसीने छूटेंगे।

ऐसे समीकरण हैं तो निर्दलीय के हाथ सत्ता चाबी
मंडी जिले के सियासी समीकरण काफी उलझे हैं। निर्दलीय उम्मीवारों की लॉटरी लगती दिख रही है। 48 सीटों पर हार और जीत के दावों के बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा और कांग्रेस समर्थित 19-19 प्रत्याशी जीते हैं। दस निर्दलीय भी जीतें हैं। हालांकि भाजपा नेता जिले में 25 से अधिक प्रत्याशियों की जीत का दावा कर रहे हैं। नेरचौक नगर परिषद में सबसे अधिक असमंजस है। यहां भाजपा व कांग्रेस दो-दो प्रत्याशियों का दावा कर रही है।

4 प्रत्याशी अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। सुंदनगर में भाजपा के 8, कांग्रेस के 3 और दो निर्दलीय जीते हैं। विधायक 10 प्रत्याशी जीतने का दावा कर रहे हैं। सरकाघाट में भाजपा के तीन और कांग्रेस समर्थित चार प्रत्याशी बताए जा रहे हैं। यहां विधायक कर्नल इंद्र सिंह पांच प्रत्याशी जीतने का दावा कर रहे हैं। जोगिंद्रनगर में भाजपा के दो और कांग्रेस समर्थन से पांच प्रत्याशी जीते हैं। करसोग में तीन भाजपा, एक कांग्रेस और दो निर्दलीय, रिवालसर में भाजपा समर्थित एक, कांग्रेस के चार और दो निर्दलीय बताए जा रहे हैं।