सिरमौर: टटियाना पंचायत में देवता के दरबार में आपसी सहमति से पूरी पंचायत का गठन

 सिरमौर जिले में मिनी संसद के गठन में देवताओं की भी अहम भूमिका है। नवगठित ग्राम पंचायत बांबल के बाद अब टटियाना पंचायत में भी देवता के दरबार में आपसी सहमति से पूरी पंचायत का गठन किया गया। महासू देवता के प्रांगण में आयोजित बैठक में वार्ड पंच से लेकर पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) तक का चयन निर्विरोध हुआ। पूरी पंचायत निर्विरोध चुने जाने पर अब पंचायत को विकास कार्यों के लिए दस लाख और बीडीसी सदस्य चुनने पर पांच लाख रुपये मिलेंगे।
टटियाना पंचायत में महासू देवता के प्रांगण में पूरी पंचायत का निर्विरोध चयन किया गया। ग्रामीणों ने पंचायत के बेहड़ों (इलाकों) से प्रधान, उपप्रधान और बीडीसी के लिए नाम मांगे। चार समूहों में दो-दो नामों की पर्चियां देवता के प्रांगण में एक लोटे में रखी गईं। गांव की एक बच्ची ने पर्चियां निकालीं, जिसमें प्रधान पद पर पार्वती देवी, उपप्रधान पद पर कपिल देव शर्मा और पंचायत समिति सदस्य के पद पर गजो देवी का नाम तय हुआ। इसके बाद पंचायत के सात पंच भी निर्विरोध चुने गए। चयनित जनप्रतिनिधियों ने देवता के दरबार में बिना किसी भेदभाव के पंचायत का विकास करने का आश्वासन दिया। टटियाना में चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले और पूरी होने के बाद पूरा पंचायत महासू देवता के जयकारों से गूंज उठी। चुनाव प्रक्रिया के बाद सभी नवचयनित प्रतिनिधियों ने देवता का आशीर्वाद लिया।
बीडीसी सदस्य के लिए दो पंचायतों में बनी सहमति 
पंचायत समिति सदस्य के लिए इस वार्ड में दो पंचायतें आती हैं। टटियाना और ठोठा जाखल पंचायत से एक बीडीसी सदस्य बनता है। यहां दो पंचायतों की भी आपस में सहमति है। चुनाव करवाने के लिए गठित की गई पंचायत परिषद के संयोजक माया राम शर्मा ने बताया कि एक बार चुनाव में टटियाना तो दूसरी में ठोठा जाखल से बीडीसी बनता है। इस बार टटियाना पंचायत की बारी थी। लिहाजा, बीडीसी सदस्य का चयन भी सर्वसम्मति से ही हुआ।