सिरमौर: पहाड़ी चाऊमीन (शुचावले) पहाड़ी लोगों की पसंदीदा डिश

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में ये है पहाड़ी चाऊमीन (शुचावले) बनाने की काष्ठ कला से निर्मित मशीन(शुचावंडो)। हैरान मत होना यही वो मशीन है जिससे अब ठण्ड के दिनों में गर्मागर्म पहाड़ी चाऊमीन (शुचावले )बनाये जाते हैं। ये डिश बेहद स्वादिष्ट एवम् कई खाद्य गुणों से भरपूर होती है।

आटे की बनती है ये डिश

ये प्रायः मंडूये(कोदा)के आटे से बनाये जाते हैं। आटे के साथ गागटी (अरबी)को उबाल कर मिश्रण में डाला जाता है।फिर अरबी को इस मंडूए के आटे के साथ अच्छी तरह मिला कर इसे एक हांड़ी में छोटे-छोटे पेड़े(ढिसू) बना कर उबाला जाता है जब ये पूर्णरूप से उबल जाये फिर इस मशीन(शुचावँडे) से एक लोहे के झब्बल की सहायता से एक आड़ लगा कर मशीन में बारी बारी से वो पेड़े डाल कर इस काष्टकला से निर्मित मशीन के द्वारा एक बड़ी सी पराती लेकर निकाला जाता है।

इस डिश को खाने का तरीका

इसे आप चाहो तो राजमाह की दाल के साथ तोड़ मरोड़ कर खा सकते हैं अथवा अगर आप मीठे खाने के शोंकीन हो तो शक्कर और देसी घी के साथ लेकर खाने का भरपूर आनन्द ले सकते हैं। या यूँ कहिये की ये पहाड़ी चाउमिन खाने का लुत्फ़ उठा सकते हैँ। रंग इसका एकदम (Black Nuddles)जैसा होता है।