सालाना तीन फीसदी हो फीस वृद्धि, प्राइवेट स्कूल फीस बिल पर शिक्षा विभाग को पहुंचे अभिभावकों के 20 सुझाव

प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में हर वर्ष केवल तीन फीसदी से ज्यादा फीस वृद्धि नहीं होनी चाहिए। प्राइवेट स्कूल बिल फीस पर अभिभावकों व स्टेक होल्डर ने ये सुझाव दिए हैं। एक हफ्ते में शिक्षा विभाग के पास केवल 20 सुझाव प्रदेश भर से पहुंचे हैं। इसमें इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन और अभिभावक संघ ने भी सुझाव विभाग में भेज दिए हैं। शिक्षा विभाग के पास पहुंचे सुझाव में 95 प्रतिशत अभिभावक चाहते हैं कि प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि पीटीएम व जनरल हाउस में हो। विभाग के सुझाव में कहा गया है कि फीस वृद्धि से संबंधित निर्णय केवल एक महासभा में लिया जाए, जिसमें अभिभावक, अभिभावक संघ के सदस्य, सभी पीटीए सदस्य एवं स्कूल प्रशासन मौजूद हो।

फीस वृद्धि प्रति वर्ष केवल अधिकतम तीन प्रतिशत ही सुनिश्चित की जाए। स्कूलों पर दोषी पाए जाने की स्थिति में जुर्माना पांच लाख से बढ़ाकर कम से कम 30 लाख किया जाए। सभी स्कूलों में खेलकूद एवं अन्य आवश्यक प्रतियोगिताओं को अनिवार्य किया जाए, जिसमें प्रदेश स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताएं अनिवार्य हों। अभिभावक संघ एवं सभी अभिभावक पीटीए के लिए सदस्यों का चुनाव स्वयं करें, किसी तरह यह चुनाव सरकार की देखरेख में हो। प्रत्येक वर्ष पीटीए की महासभा अभिभावक एवं अभिभावक संघ के साथ अनिवार्य की जाए।

सुझाव में यह भी कहा गया है कि जो अभिभावक पीटीए के सदस्य चुने जाएं, उनकी एक बैठक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ उनके अधिकारों, शक्तियों और कत्र्तव्यों की जानकारी के लिए अवश्य सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थी एवं शिक्षक अनुपात कक्षाओं में सरकार के निर्देशों के अनुरूप हो। इसके अलावा निजी स्कूलों की फीस को लेकर तैयार किए गए नए बिल के लिए स्टेक होल्डर्स अब 30 जून तक अपने सुझाव व आपत्तियां शिक्षा विभाग को भेज सकते हैं। शिक्षा विभाग के निदेशक डा. अमरजीत कुमार शर्मा का कहना है कि 20 जून तक का समय कम था, ऐसे में मांग के अनुसार 30 जून तक सुझाव व आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि को बढ़ाया गया है।