सरकारी सड़कों पर लावारिस मवेशियों का कब्जा; गाड़ी तो छोडि़ए, पैदल चलना भी मुश्किल

संगडाह उपमंडल में  सड़कों पर हर मोड़ पर लावारिस पशुओं ने कब्जा जमा रखा है। इससे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार ये मवेशी राहगीरों पर हमला कर देते हैं। संगडाह, अँधेरी, सैंज, जबलोग, अरट, डल्याणु आदि गांवों में  हरिपुरधार माँ भगयानी मंदिर तक जाने वाली सड़क के कदम-कदम पर लावारिस पशुओं को देखा जा सकता है।

आम जनता ही है जिम्मेदार

बुद्धिजीवी वर्ग का मानना है कि इन बेसहारा पशुओं को सड़कों पर लाने के लिए कहीं न कहीं आम जनता ही जिम्मेदार है, लेकिन ऐसे लोगों पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है।

टेग लगे हुए जानवर

सबसे बड़ी बात ये भी है की कई जानवरों  को टेग भी लगे है जिससे ऑनलाइन मालिक का पता भी लग जाता है पर फिर भी जानवर के मालिक ये सब अनसुना करते है. विभाग ने कई जानवर के मालिक की लिस्ट भी बना ली है पर इस पर कारवाही कौन करेगा,  इसका अभी भी कुछ पता नही है.

आसपास के गाँव के लोगों का कहना है की इन  लावारिस पशुओं  ने हमारी सारी फसलें बर्बाद कर दी है.  उनका कहना है की हमारी पुरे साल की फसल ये जानवर खा जाते है  और जब किसी विभाग से बात करे तो उनका कहना है की हमारा ये काम नही है तो  हमारी फसल जो ये जानवर खा गये है उसकी भरपाई  के लिए हम किसके आगे अपना दुःख व्यक्त करे .

जब भी किसी विभाग से एस बारे में बात की जाती है तो उनका कहना है की ये हमारा कम नही है . यूं तो क्षेत्र में गोसदन का निर्माण भी किया गया है, लेकिन न जाने इन पशुओं की तादाद सड़कों पर कैसे बढ़ रही है।