सबसे पहले संपूर्ण स्वच्छ बनी किलिंग पंचायत के तत्कालीन प्रधान का नाम ही वोटर सूची से गायब

वर्ष 2007 में हिमाचल प्रदेश में सबसे पहले संपूर्ण स्वच्छ पंचायत बनी गोहर विकास खंड की किलिंग पंचायत के तत्कालीन प्रधान टेक सिंह ठाकुर का नाम ही मतदाता सूची से गायब है। 20 वर्ष तक पंचायत का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व प्रधान के परिवार में बहू के सिवाय किसी का भी नाम मतदाता सूची में नहीं है।

पूर्व प्रधान ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को चुनौती दी है। बता दें कि वर्ष 2007 में संपूर्ण स्वच्छता में गोहर विकास खंड की किलिंग पंचायत का नाम प्रदेश में रोशन हुआ था। पंचायत को हिमाचल की पहली संपूर्ण स्वच्छ पंचायत का खिताब मिला था। वर्ष 2020 के पंचायत चुनावों में पूर्व प्रधान के परिवार में बहू को छोड़कर बाकी सदस्यों का नाम मतदाता सूची से गायब होने से कई सवाल उठ रहे हैं।

किलिंग पंचायत में इस बार प्रधान पद पुरुष सामान्य आने पर टेक सिंह प्रधान पद के लिए नामांकन करना चाहते थे, मगर नामांकन करने के लिए उनका नाम मतदाता सूची में न दर्ज न होने से वह अयोग्य करार हो सकते थे। इसको देखते हुए टेक सिंह ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर निर्वाचन आयोग की कार्य प्रणाली को चुनौती दी है। बीडीओ गोहर निशांत शर्मा ने पुष्टि की है कि पूर्व प्रधान टेक सिंह का नाम मतदाता सूची से गायब है।