संवाद: शिक्षक पर्व पर पीएम मोदी बोले- विद्या की संपत्ति सबसे बड़ी, स्कूलों में भी कोरोना नियमों का करें पालन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज पहले शिक्षक पर्व को संबोधित कर रहे हैं। इसमें वे देश भर के शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों से संवाद कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य के भारत को नया आकार देने के लिए हम लोग जुटे हैं। नया भारत आज नया संकल्प ले रहा है। समाज में शिक्षकों का योगदान बहुमूल्य और अतुलनीय है पीएम ने कहा कि कोरोना काल में हमारे सामने बहुत सारी चुनौतियां आई, लेकिन हमने सारी चुनौतियों को पार किया। आज स्कूल खुलने का उत्साह देखते ही बन रहा है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की जरूरत है। जनभागीदारी से देश में बड़े-बड़े काम हुए हैं।  उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षमताओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है। ऑनलाइन पढ़ाई को और सहज बनाने की आवश्यकता है।

पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति से छात्रों में कॉम्पटीशन की भावना बढ़ेगी। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से शिक्षा पर्व का आयोजन किया गया है। यह 7 सितंबर से 17 सितंबर तक चलेगा।