अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: शिमला समेत प्रदेश के बड़े शहरों की ट्रैफिक और कानून व्यवस्था को संभालेंगी महिलाएं

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के बड़े शहरों की ट्रैफिक और कानून व्यवस्था को महिलाएं संभालेंगी। वहीं, शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर वर्ष 1975 में गठित हिमाचल प्रदेश पुलिस महिला कांस्टेबलों के पहले बैच की 28 सदस्यों को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय सम्मानित करेंगे। इनमें रानी भी शामिल हैं, जो 1973 में पुलिस ज्वाइन करने वाली प्रदेश की पहली महिला हैं।

महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देते हुए महिलाओं को ज्यादा संख्या में पुलिस बल में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस अपनी तरह का पहला आयोजन करने जा रही है। इस कार्यक्रम के दौरान सुबह रिज मैदान पर राज्यपाल हिमाचल प्रदेश पुलिस के आल वुमन कंटिंजेंट के मार्च पास्ट की सलामी लेंगे। आठ महिलाएं इसमें शामिल होंगी। महिला पुलिस कर्मी इसके बाद अनआर्म्ड कॉम्बैट और बाइक स्टंट भी दिखाएंगी।

इसके बाद राज्यपाल पहले बैच को सम्मानित करेंगे। शाम को गेयटी थियेटर में प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। यह प्रदर्शनी 14 मार्च तक चलेगी। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इसमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे। डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि पूरे कार्यक्रम में पांच सौ महिला पुलिस कर्मी सीधे तौर पर शामिल होंगी। एक कॉफी टेबल बुक वीरांगना को भी सीएम रिलीज करेंगे, जिसमें 1973 से लेकर अब तक के महिला पुलिस कर्मियों-अधिकारियों के 48 साल के सफर को दर्ज किया गया है।

राष्ट्रीय औसत से तीन प्रतिशत ज्यादा हैं प्रदेश पुलिस में महिलाएं
हिमाचल प्रदेश पुलिस में राष्ट्रीय औसत से तीन प्रतिशत ज्यादा महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं। प्रदेश पुलिस में महिला पुलिस कर्मियों का प्रतिशत 13 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 10.3 प्रतिशत है। डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि इस प्रतिशत को 33 प्रतिशत तक ले जाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को शिमला के बाद मंडी और धर्मशाला में भी आयोजित किया जाएगा।