शिमला: मानव भारती विवि की फर्जी डिग्री से शिक्षक बनने वालों की होगी छुट्टी

फर्जी डिग्रियों के आरोप में फंसे जिला सोलन के मानव भारती विश्वविद्यालय से फर्जी डिग्री लेकर प्रदेश के डिग्री और संस्कृत कॉलेजों में नियुक्त शिक्षकों की छुट्टी होगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने मानव भारती विश्वविद्यालय की डिग्रियों के आधार पर कॉलेजों में शिक्षक बनने वालों का रिकॉर्ड तलब किया है।  उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने मंगलवार को सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर तीन दिन के भीतर ई मेल पर जानकारी देने को कहा है। कॉलेजों से मिलने वाली इन जानकारियों को प्रदेश पुलिस की एसआईटी को सौंपा जाएगा। मानव भारती विश्वविद्यालय के खिलाफ जिला सोलन के धर्मपुर पुलिस थाने में फर्जी डिग्रियों का केस दर्ज है। उच्च शिक्षा निदेशालय के अनुसार मानव भारती विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले कई लोगों ने कॉलेजों में शिक्षकों की नौकरी हासिल की है।

यह विश्वविद्यालय अब फर्जी डिग्रियों के फेर में फंसा है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने अब कॉलेजों में नियुक्त ऐसे शिक्षकों की सूची एकत्र करने का फैसला लिया है, जिन्होंने इस विवि से डिग्री ली है। इस जानकारी को जुटाने के बाद पुलिस देखेगी कि कॉलेज में नियुक्त ऐसे शिक्षकों की डिग्रियां फर्जी हैं या सही। मानव भारती विश्वविद्यालय की करीब 36 हजार डिग्रियां संदेह के घेरे में हैं। मात्र पांच हजार डिग्रियों को सही बताया जा रहा है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने कॉलेज शिक्षकों की डिग्रियों की जांच करवाने का फैसला लिया है। मानव भारती विश्वविद्यालय के फर्जी डिग्री मामले में विवि के मालिक समेत आठ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें दो एजेंट शामिल हैं, जो फर्जी डिग्रियां बाहरी राज्यों में बेचते थे। विवि के मालिक की पत्नी और बच्चों को आस्ट्रेलिया से भारत लाने के लिए पुलिस प्रयासरत है।