शिमला: खरीद पर संकट के बीच 140 रुपये किलो बिका एप्स वैरायटी का सेब

भले ही इन दिनों मंडियों में सेब को अच्छी कीमत नहीं मिल पा रही लेकिन बुधवार को हिमाचल प्रदेश के ठियोग की पराला मंडी में ऐप्स वैरायटी का सेब 140 रुपये किलो के रिकॉर्ड रेट पर बिका। महाराष्ट्र के खरीदार ने 12 पेटी का लॉट खरीदा। बेहतरीन रंग, आकार, चमक और वजन के चलते सेब को बढ़िया रेट मिले। कोटखाई के जलटाहर गांव के बागवान प्रेम सिंह चौहान ने रेड डिलिशियस की नई किस्म एप्स तैयार की है। पराला मंडी की मुकंद चौहान एंड कंपनी फर्म के संचालक लायक राम चौहान ने बताया कि प्रीमियम क्वालिटी के चलते सेब को 140 रुपये प्रति किलो रेट मिले हैं। सेब की क्वालिटी विदेश से आयात होने वाले वाशिंगटन एप्पल से भी बेहतर थी।

महाराष्ट्र के खरीददार समीर ने बताया कि ऐप्स सेब जल्दी खराब नहीं होता। बंगलूरू से इस सेब की डिमांड थी। पिछले साल महाराष्ट्र के भिवंडी और गोवा के माल में यह सेब बिका था। इस क्वालिटी के सेब की एडवांस डिमांड रहती है। यह पूछने पर कि सामान्य सेब को अच्छे रेट क्यों नहीं मिल रहे, समीर ने बताया कि लॉकडाउन से पैदा हुई आर्थिक मंदी के बाद सेब आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है। डिमांड कम होने से रेट गिरे हैं।

20 साल की मेहनत की नतीजा : प्रेम
बागवान प्रेम चौहान ने बताया कि ऐप्स वैरायटी उनके 20 साल के संघर्ष का परिणाम है। रंग, आकार और गुणवत्ता में इसका कोई मुकाबला नहीं है। यह रेड डिलिशियस किस्मों में ही म्यूटेशन की प्रक्रिया से तैयार की गई है। सेब की जितनी भी प्रदर्शनियां लगीं उसमें यह सबसे आगे रही। सऊदी अरब के व्यापारियों ने भी उनसे इसे खरीदा है।

2300 रुपये बिका कोटखाई के बागवान का सेब
शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में बुधवार को कोटखाई के पड़शाल सैंताड़ी का सेब 2300 रुपये प्रति पेटी के रेट पर बिका। इन दिनों रॉयल सेब के सामान्य रेट 1500 से 2000 रुपये चल रहे हैं, बढ़िया क्वालिटी के चलते कोटखाई के रणवीर सिंह सावंत के सेब को 2300 रुपये रेट मिला। भट्ठाकुफर मंडी की ओएक्सडी ट्रेडर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 49 नंबर फर्म के संचालक मयंक सूद ने बताया कि बढ़िया क्वालिटी के माल को मंडी में अच्छे रेट मिल रहे हैं।