शिमला: क्राइस्ट और कैथोलिक चर्च में क्रिसमस पर्व धूमधाम से मनाया गया

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शिमला शहर के ऐतिहासिक क्राइस्ट और कैथोलिक चर्च में क्रिसमस पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। शिमला शहर की पहचान व प्रतीक क्राइस्ट चर्च में दौरान 37 साल बाद क्रिसमस पर एबीसीडीईएफ जैसे म्यूजिक वाली चाइम्स बेल भी बजाई गई। बताया जाता है कि जब इशू मसीह का जन्म हुआ तो मसी लोग उन्हें ढूंढने निकले थे, जब इशू मिले थे तो यह बेल बजाई गई थी। शिमला के चर्च में इस बेल को 37 साल बाद बजाया गया। बताया जाता है कि इसकी धुन बजने से बुरी शक्तियां दूर भागती हैं। चर्च के सदस्यों ने कहा कि यह बेल 1982 से खराब थी। इस इसे नहीं बजाया जाता था। अब इसे ठीक कर क्रिसमस पर बजाया गया। पास्टर पाल विक्की वेद ने कहा कि चाइम्स बेल की धुन पवित्र और मनमोहक है। चर्च के सदस्यों का कहना है कि यह बेल खुशी और शांति का प्रतीक है वर्ष 1844 में शिमला के क्राइस्ट चर्च का निर्माण किया गया था। 1899 में इंग्लैंड से जहाज में चाइम्स बेल को यहां लाया गया था। तब से चाइम्स बेल चर्च में प्रार्थना सभा के दौरान बताई जाती रही। इसके बाद यह खराब हो गई और इसकी रिपेयर नहीं हो पाई। क्रिश्चियन मेंबर विक्टर डीन ने 20 दिन की मशक्कत के बाद इसे रिपेयर किया। शहर के कारोबारी जगजीत सिंह ने मरम्मत के लिए सामान उपलब्ध करवाया।