शिक्षा प्रणाली में होगा अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल

हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई की तर्ज पर दो बार फाइनल परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने सीबीएसई की तर्ज पर 50-50 फीसदी सिलेबस के दो बार एग्ज़ाम करवाने की रणनीति बनाई है। जिसके लिए शिक्षा बोर्ड ने नौवीं, दसवीं, जमा एक व जमा दो कक्षा के लिए दो बार की फस्र्ट व सेकेंड टर्म परीक्षा प्रणाली लागू करने की योजना पर कार्य करने को महत्त्वपूर्ण बैठक भी की है। नौवीं-दसवीं पर विचार करने के साथ ही गुरुवार को जमा एक व जमा दो को लेकर भी विषय विशेषज्ञों से रणनीति बनाकर फाइनल कर दिया जाएगा। सीबीएसई द्वारा शैक्षणिक सत्र 2021-22 की परीक्षाएं साल में दो बार टर्म-एक व टर्म-दो में 50:50 प्रतिशत पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित करवाए जाने का निर्णय लिया है।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई की तर्ज पर नौवीं व दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में कटौती करने, बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार-बार टर्म-एक व टर्म-दो में करवाने, सीबीएसई के अनुरूप प्रश्न पत्र तैयार किए जाने तथा आठवीं कक्षा के प्रश्नपत्रों में संशोधन करने के उद्देश्य से बोर्ड कार्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था के शीर्ष पर पहुंचाने का एक साधन है। इस संबंध में प्रबुद्ध विषय विशेषज्ञों के साथ कार्यशालाएं आयोजित कर जो भी सुझाव प्राप्त होंगे, उनके अनुरूप प्रारूप तैयार करके मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर से विस्तृत विचार-विमर्श करके कार्यान्वित किया जाएगा।

गुरुवार को जमा-एक व जमा-दो कक्षाओं के पाठ्यक्रम में कटौती करने, बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार टर्म-एक व टर्म-दो में करवाने तथा सीबीएसई के अनुरूप प्रश्न पत्र तैयार किए जाने बारे कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।