वायरल पत्र पर भाजपा विधायकों ने जारी किया सयुंक्त बयान

हेल्प इंडिया ऑनलाइन संस्थान के सभी सिटी हेड्स, लीडर्स एवं सदस्य सब को मेरा नमस्कार, दोस्तों ए मैसेज की जरीए मुझे आपके साथ मेरे कुछ विचार इस संस्था के बारे में रखने हैं।🙏
दोस्तों हेल्प इंडिया ऑनलाइन संस्थान में काम क्यों करना है इसके बारे में बहुत सारे लोगों का खुद का WHY? (क्यों?) ए क्लियर नहीं है आपका WHY? क्लियर होगा तभी हम लोग बहुत कम समय में अपने इस विचित्र परिवार को बहुत आगे ले जा सकते हैं ऐसा मुझे लगता है 🙏
सीधी बात बोलूं तो बहुत सारे लोगों को हेल्प इंडिया ऑनलाइन संस्थान समाज को, परिवार को, देश को क्या देना चाहता है ,इस परिवार का महत्व क्या है, इस परिवार में सबके साथ काम करके हम कितना बढ़ा और राष्ट्रहित ,समाज हित का काम करने जा रहे हैं और इसमें हमारा अनमोल सहयोग रहेगा या इस अच्छे काम का हम हिस्सा बनेंगे इसके ऊपर थोड़ा सोच लेना चाहिए।
दोस्तों हम लोग महागुरु डॉ. जगदीश पारीक सर के माध्यम से इस परिवार से अपने इस देश में समाज में ,समाज के हर घटक को मेटास्किल एंड न्यूरोसाइंस के माध्यम से स्ट्रेस फ्री, तनाव मुक्त जीवन कैसे जी सकते हैं ए सिखा देंगे। और इसमें कामयाब भी हो जाएंगे, क्योंकि दोस्तों आने वाले समय में मेटा स्किल एंड न्यूरोसाइंस यही सिस्टम को लोग अपनाएंगे और अभी की वर्तमान शिक्षा पद्धति कुछ सालों के अंदर आउटडेटेड होगी, चाहे तो आप गूगल पर भी सर्च करके जानकारी ले सकते हो इसके लिए सबसे पहले हमें इसकी सभी प्रकार की सही ढंग से जानकारी लेनी चाहिए और इस शिक्षा पद्धति या इसकी ट्रेनिंग डॉक्टर साहब हमें जो भी बंदा या व्यक्ति इस परिवार का हिस्सा बनेगी उसको स्टेप बाय स्टेप बाय डिफॉल्ट फ्री में देने वाले हैं लेकिन हम इस महत्वपूर्ण बात को ना समझ पाए हैं ,ना समझ ले रहे हैं ,और ना ही समझा रहे हैं अन्य साथियों को, डाउनलाइन के किसी नए सदस्य का मुझे जब फोन आता है कुछ समस्या को लेकर तभी पता चलता है कि लोग जल्दबाजी कर रहे हैं इसमें बिजनेस मॉड्यूल को लेकर भाग रहे हैं सिस्टम को समझ नहीं रहे हैं और गलत तरीका अपना के अपना काम कर रहे हैं ,खुद भी सम्रभित और डाउन लाइन को सम्रभित कर रहे हैं। और ए गलत है।
अगर सिस्टम को समझा जाए तो तो इस संस्था के सिस्टम में काम करते समय कोई बॉउंडेशन नहीं है अगर 1) इस संस्था में जुड़ कर आपको एजुकेशन सिस्टम ट्रेनिंग के माध्यम से समझ कर लेनी है तो वह भी आप समझ कर ले सकते हो bilkul free
2) इस संस्था का निर्माण किस उद्देश्य से किया गया है इसको समझ लिया तो पता चलता है कि हमें लोगों को सफलतापूर्वक आनंदी जीवन कैसे जीना है ए सब को सिखाना है मेटास्किल एंड न्यूरोसाइंस एजुकेशन सिस्टम के माध्यम से ज्ञान देकर
3) क्या आपको लगता है हमने लोगों को ज्ञान दिया और लोग आनंदी जीवन जीने लगे-दोस्तों ऐसा कतई कभी भी होगा नहीं।
4) हमें अच्छी जिंदगी जीनी है तो हमारे पास ज्ञान और धन दोनों का बैलेंस होना बहुत जरूरी है तभी हम लोग आनंदी या सफलता पूर्वक जीवन जी सकते हैं, यहीं संस्था का मेन उद्देश्य हैं।
5) संस्था या संस्था की मैनेजमेंट टीम ए चाहती है की हम लोगों को मेटास्किल एंड न्यूरोसाइंस एजुकेशन या शिक्षा पद्धति से और इसके साथ साथ लोगों में दुनिया में हर किसी व्यक्ति के अंदर जो 64 प्रकार की लर्निंग डिसऑर्डर या बीमारी है उनमें से सब को बाहर ले आए परमानेंट और बच्चों को भी स्ट्रेस फ्री शिक्षा देने में सफल हो जाए तो हम सब के हाथों से बहुत अच्छा काम होने वाला है, आखिर प्रकृति के हिसाब से हम जो अच्छे विचार अपनाएंगे उतनी प्रकृति हमें अच्छे रिटर्न देती है।
6) संस्था के सिस्टम देखा जाए तो जिस आदमी को इस देश में रोजगार की जरूरत है तो उसे रोजगार हंड्रेड परसेंट दे रही है डीएमआईटी सॉफ्टवेयर फ्री में दे कर , इसका लाभ जिसको जिस किसी को लेना है वह अपने इच्छा के अनुसार ले सकता है उसका भी ट्रेनिंग फ्री में मिलेगा किसी के ऊपर कोई बाउंडेशन नहीं है।
7) जिसको अपना डेली का इनकम या महीने का इनकम बढ़ाना है तो उनको भी मौका देती ही लाखों करोड़ों रुपए इस अनोखी क्राउडफंडिंग सिस्टम के जरिए कमाने का जिससे आपको वापस लौटाना नहीं है इससे आप अपनी जिंदगी के सभी सपने अपने एबिलिटी के ऊपर पूरे कर सकते हैं चाहे ओ घर का हो ,गाड़ी का हो ,या विदेश घूमने का हो, आर्थिक आजादी का हो आप पूरा कर सकते हैं।
8) संस्था के अंदर कोई व्यक्ति जुड़ गया और कंडीशन के साथ एक्टिव मेंबर्स भी हो गया मदद लेने के लिए और उसके बाद किसी आपातकालीन स्थिति में आगे जाकर काम नहीं कर पाया तो भी मदद ले सकता है और हम भी करने वाले हैं अपनी इच्छा के अनुसार
9) आपको – समाज को- लोगों को जो भी मदद करनी है -जिसे संस्था ने मेडिकल इमरजेंसी के लिए ₹10 और शादी के लिए ₹1 इन लोगों को हमें मदद के स्वरूप हर एक्टिव मेंबर्स का देना ही है और आपकी जेब से ना जाए इसकी भी कुछ व्यवस्था की है अपने हेल्प इंडिया ऑनलाइन ऐप के माध्यम से तो उसे भी समझ कर लेना है और अपने टीम को डाउन लाइन को समाज के हर व्यक्ति को इसके बारे में अवगत कराना है।
दोस्तों ऊपर लिखी सब बातें मेरे समझ में जो आई इस संस्था के अंदर पांच -छे महीने से काम करके ,चार बार जयपुर जाकर और 8 दिन महाराष्ट्र के अंदर न्यूरोसाइंस कोच – श्याम शेखावत सर के साथ रहकर, और महागुरु अपने संस्था के संस्थापक सदस्य डॉक्टर जगदीश पारीक सर इनके महाराष्ट्र दौरे में पुणे और नासिक के प्रोग्राम में इनके साथ रहकर ,तो मेरी खुद की दूर दृष्टि से मुझे हंड्रेड परसेंट लगता है कि हम सब लोग कामयाब हो जाएंगे लेकिन कोई गलत ,उल्टा-पुल्टा ,लोगों को गुमराह कर कर, संस्था की अच्छी तरह से जानकारी ना देकर, खुद के निजी स्वार्थ का विचार करके हम नहीं कर सकते लेकिन जो भी अच्छे लोग इस सिस्टम में अच्छी तरह से जानकारी देकर काम करेंगे तो उनके जिंदगी में कुछ ही दिनों के अंदर आप सभी को अच्छा तरह से बदलाव आना चालू हो गया है ऐसा हंड्रेड परसेंट दिखाई देगा और वह दिन दूर नहीं है। तो दोस्तों अपनी ईमानदारी से इस संस्था में सिस्टम के साथ काम करो यही मुझे आपसे कहना था क्योंकि गलत काम का रिजल्ट भी गलत ही आता है। इसके साथ साथ जीवन में हमारी अच्छी छवि बने और खुद का अच्छा फेस वैल्यू तैयार हो जाए इसको ध्यान में लेकर काम करना पड़ेगा और ऐसा काम किया तो आप भी बहुत सारे लोगों की जिंदगी के हीरो साबित हो जाएंगे जरा विचार करके देख लो।
दोस्तों आखिर यही कहूंगा कि हमारे जिंदगी में जो भी चीजों को अपना कर हमने या आपने आज तक काम किया और सफलता नहीं मिली उन सभी गलत विचारों को छोड़कर, त्याग कर नए विचारों के साथ काम करना चाहिए या करना पड़ेगा तभी हम सभी लोग और हमारे साथ समाज को भी या समाज में भी अच्छे सुधार – बदलाव जरूर ला सकते हैं !
आखिर इस मैसेज को ज्यादा लंबा ना बना ते इन कुछ शब्दों को पढ़कर मुझे जो संदेश आप तक पहुंचाना था उसे आप सही ढंग से समझ पाएंगे ऐसी आशा व्यक्त करता हूं और पढ़ने के बाद आपके इस के ऊपर कुछ सुझाव या कमेंट का मैं इंतजार करता हूं
आखिर एक महत्वपूर्ण बात कहता हूं कि डॉ. जगदीश पारीक सर के विचारों से और श्याम शेखावत सर के विचारों से एक बात ध्यान में आती है कि जीवन में जिस व्यक्ति या आदमी के पास पैसा कमाने का कारण मजबूत होता है समाज हित या राष्ट्रहित से समर्पित तो उसके पीछे पैसा भी झक मार के आएगा””