वन विभाग ने दोबारा रोका गिरि पुल का निर्माण कार्य

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वन विभाग का मानना है कि पुल का निर्माण वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) की स्वीकृति के बिना ही किया जा रहा है। इसको लेकर एक माह पूर्व वन विभाग ने इस तरह की कार्रवाई को अंजाम देते हुए कार्य को रुकवा दिया था लेकिन उस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने एक माह में एफसीए की प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन देकर पुल का निर्माण कार्य शुरू करने का आग्रह किया था।

एक माह का समय बीत जाने के बावजूद भी लोक निर्माण विभाग एफसीए की स्वीकृति लेने में नाकाम रहा है। लिहाजा, गत सोमवार को वन विभाग ने दोबारा कार्रवाई करते हुए पुल के निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया।
जानकारी के अनुसार पुल का एक पिल्लर वन विभाग की परिधि में है। लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग से स्वीकृति लिए बगैर ही पुल का निर्माण शुरू करवा दिया था। वन विभाग ने चार विभागों की मौजूदगी में पुल निर्माण स्थल की निशानदेही भी करवाई थी, जिसमें पुल का एक हिस्सा वन भूमि में पाया गया था। इसके बावजूद भी लोक निर्माण विभाग ने एफसीए की स्वीकृति लेना उचित नहीं समझा।
उल्लेखनीय है कि ददाहू में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से 165 मीटर लंबे आधुनिक और डबल लेन पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह पुल लोक निर्माण विभाग की प्राथमिकता में शामिल है। अब पुल निर्माण बड़ी चुनौती साबित हो गया है।

वन परिक्षेत्राधिकारी रेणुका प्रदीप ठाकुर ने बताया कि विभाग की ओर से मांगी गई समय अवधि पूर्ण हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग ने एक माह में एफसीए की स्वीकृति की ओर कोई कदम नहीं बढ़ाया।
सहायक अभियंता लोक निर्माण दलीप तोमर ने बताया कि उच्चस्तर पर पत्राचार हो रहा है। पुल निर्माण स्थल का अधिकारियों की टीम के बीच संयुक्त निरीक्षण किया जाना है। टीम गठित करने के लिए एसडीएम से समय मांगा गाया है। एक माह में यह प्रक्रिया संभव नहीं हो सकी है।