वन निगम में निकली नौकरियां, 100 फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती समेत विभिन्न पद भरने को सर्विस कमेटी से मंजूरी

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लंबे इंतजार के बाद अब वन निगम में बंपर भर्तियां होने वाली हैं। भर्ती को लेकर तैयार फाइल ने पहला पायदान पार कर लिया है। सर्विस कमेटी की मंजूरी के बाद फाइल निदेशक मंडल (बीओडी) को प्रस्तावित हुई है। सर्विस कमेटी ने निगम में 100 वनरक्षकों समेत स्टेनोग्राफर, कंपनी सचिव और वित्त कंट्रोलर पद को भरने की सिफारिश की है। हालांकि भर्ती पर अंतिम मंजूरी बीओडी को देनी है और इसके बाद फाइल को वित्त विभाग के सुपुर्द किया जाएगा। वित्त विभाग की सहमति मिलते ही अंतिम चरण में इसे मंत्रिमंडल में भेजा जाएगा। मंत्रिमंडल से पास होने के बाद वन निगम में भर्तियां शुरू होंगी। भर्तियों की प्रक्रिया का आधार आगामी दिनों में तय किया जाएगा। गौरतलब है कि निगम ने सुरक्षा के मद्देनजर वन रक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव पर लंबे समय से वार्तालाप चल रही है। वन रक्षकों को निगम जंगल में उन जगहों पर तैनात करेगा, जहां कटान चल रहा हो या काटी हुई लकड़ी की रखवाली करनी होगी। इसके अलावा वन रक्षकों को आवश्यकता के अनुसार अन्य जगहों पर भी तैनात किया जा सकता है।

फिलहाल, भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहला पायदान पार कर लिया है। वन निगम में लंबे समय से भर्तियां नहीं हो पा रही थी। ऐसे में सर्विस कमेटी में भर्तियों को सबसे प्राथमिक एजेंडे के तौर पर शामिल किया गया था। सर्विस कमेटी की सिफारिश में सबसे ज्यादा पद वन रक्षकों के तय किए गए हैं, जबकि स्टेनोग्राफर के 23 पद, कंपनी सचिव और वित्त नियंत्रक के एक-एक पद की सिफारिश की गई है। अब निदेशक मंडल की आगामी बैठक में इन पदों को लेकर मंथन शुरू होगा। वन निगम के प्रबंध निदेशक पवनेश शर्मा ने बताया कि वन निगम में भर्तियां होनी हैं। इसे लेकर निदेशक मंडल की बैठक में फैसला होगा। बीओडी की स्वीकृति के बाद इस फाइल को वित्त विभाग में भेजा जाएगा। भर्ती के लिए मंत्रिमंडल से मंजूरी की जरूरत रहेगी। इसके लिए सबसे अंतिम चरण में फाइल मंत्रिमंडल बैठक के लिए प्रस्तावित की जाएगी। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करने के लिए निगम प्रयासरत है। इसे लेकर सचिवालय में भी वार्तालाप चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही वन निगम में इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर फैसला लिया जाएगा। इससे नौकरी का इंतजार कर रहे बेरोजगारों को राहत मिलेगी। वन रक्षक मिलने के बाद निगम में सुरक्षा और कड़ी हो सकेगी