रिसेल किए फोन से भी चोरी हो सकता है आपका डाटा, साइबर सैल ने जारी की एडवाइजरी

जब एंड्रॉइड फोन की बात आती है, तो उसमें से डाटा हटाने का अधिक सुरक्षित तरीका नहीं होता है। यहां तक कि अगर आप फोन को रिसेट करते हैं, तब भी संभावना है कि आपका डाटा पुनर्प्राप्त किया जा सकता है। इससे पहले की आप बाहर जाएं और अपने फोन को फार्मेटिंग के ठीक बाद बेच दें, इसे यादृच्छिक छवियों, संगीत और वीडियो के साथ लोड करने का प्रयास करें। उसके बाद, आप फोन पर फैक्टरी रिसेट कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को आप जितनी बार चाहें उतनी बार कर सकते हैं। प्रक्रिया आपके पुराने डाटा को हटा देती है और यहां तक कि अगर कोई आपके डाटा तक पहुंचता है, तो उन्हें केवल कुछ यादृच्छिक छवियां और वीडियो मिलते हैं। यदि आप एक आईफोन बेच रहे हैं, तो आप बस सेटिंग्स, सामान्य, रीसेट, सभी सामग्री और सेटिंग्स मिटाएं पर नेविगेट कर सकते हैं और ऐसा करने से आपके स्मार्टफोन पर सब कुछ पूरी तरह से मिटा दिया जाएगा, जिसमें मीडिया फाइलें, कॉल लॉग व संदेश आदि शामिल हैं । (एचडीएम)

उत्सुक खरीददारों से बचें

यदि कोई विक्रेता व्यक्तिगत रूप से जांच किए बिना भी फोन खरीदने के लिए बहुत उत्सुक दिखाई देता है। ऐसा खरीदार कई बार धोखेबाज निकला। वे आपको फर्जी आईडी प्रदान करके या विश्वास स्थापित करने के लिए अग्रिम भुगतान करने का वादा करके भी आपको समझाने और समझाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे खरीदारों से सावधान रहें और भुगतान प्राप्त करते समय किसी भी लिंक, क्यूआर कोड पर क्लिक न करें या अपना यूपीआई पिन दर्ज न करें। हमेशा व्यक्तिगत रूप से धन प्राप्त करें और फिर फोन सौंप दें

जानकारी सांझा न करें

साइबर सैल शिमला के एएसपी नरवीर राठौर का कहना है कि अपना पुराना फोन बेचते समय, सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा खरीदार के साथ साझा किए गए चालान में आपकी निजी जानकारी जैसे घर का पता और फोन नंबर शामिल नहीं है, ताकि जानकारी के किसी भी दुरुपयोग को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यदि आपको अपना आधार कार्ड या पैन कार्ड विवरण जैसे कोई पहचान प्रमाण प्रदान करने की आवश्यकता है, तो सुनिश्चित करें कि व्यक्तिगत विवरण उनसे संपादित किए गए हैं और उस उद्देश्य को जोड़ें जिसके लिए दस्तावेजों को केवल कॉपी पर साझा किया जाना है। एएसपी नरवीर राठौर ने कहा कि मोबाइल की रिपेयर करवाते समय मोबाइल से सिम व मेमरी कार्ड निकाल लें, ताकि आपका डाटा लीक न हो सके।