रियल लाइफ पर बेस्ड फिल्में: जय भीम ही नहीं, बल्कि यह फिल्में भी हैं सच्ची घटनाओं पर आधारित, जानिए इनके बारे में

जय भीम फिल्म को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है। यह फिल्म रियल लाइफ बेस्ड है और इसने एक और खिताब अपने नाम किया है। दरअसल, फिल्म जय भीम ने हॉलीवुड की जानी-मानी फिल्म द शौशैंक रिडेम्प्शन को पीछे छोड़कर आईएमडीबी पर सबसे ज्यादा रेटिंग हासिल कर ली है। इस फिल्म को 10 में से 9.6 रेटिंग मिली है। फिल्म काफी लोकप्रिय हो रही है। हालांकि, प्रकाश राज के थप्पड़ वाले सीन को लेकर जरूर कुछ विवाद हुआ था, जिसे लेकर अभिनेता को सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया गया था। इस फिल्म का निर्देशन टीजे गणनवेल ने किया है।
फिल्म मद्रास हाईकोर्ट के जज रहे जस्टिस चंद्रु के एडवोकेसी करियर के उस चर्चित मामले पर बेस्ड है, जो उन्होंने वकील रहते हुए कुरवा जनजाति के लोगों को न्याय दिलाने के लिए लड़ा था। हालांकि, फिल्म में पीड़ित आदिवासियों को इरुलर जाति का दिखाया गया है। फिल्म में आदिवासियों के साथ होने वाले भेदभाव और शोषण को रेखांकित किया गया है। इरुलर समुदाय की दंपति राजकन्नू और सेंगनी द्वारा झेले गए जातीय उत्पीड़न और उसके संघर्ष को फिल्म में दिखाया गया है।  अगर आपको यह फिल्म अच्छी लगी है तो हम आपको ऐसे ही कुछ रियल लाइफ पर बेस्ड फिल्में बता रहे हैं।

1- जय भीम को पसंद करने वाले दर्शक थेरान अधिगारम ओन्ड्रू फिल्म देख सकते हैं। यह भी सच्ची घटना पर आधिरित है। यह फिल्म उस घटना पर आधारित है जिसमें तमिलनाडु पुलिस ने उत्तर प्रदेश में दो सदस्यों को मार गिराया गया और कुछ घातक बावरिया आपराधिक जनजातियों को गिरफ्तार किया था। ऑपरेशन बावरिया साल 2005 में एआईएडीएमके गुम्मिदीपोंडी विधायक सुदर्शनम की हत्या के बाद और तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में अराजकता पैदा करने वाले सशस्त्र डकैतों की प्रतिक्रिया के रूप में शुरू किया गया था।

2- असुरन फिल्म साल 2019 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म वेक्काई उपन्यास पर आधारित है। असली घटना कीझवेनमनी में हुई थी। फिल्म गरीब जाति के एक किसान के बेटे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक अमीर जमींदार को मार देता है।

3-राजन्ना फिल्म साल 2011 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म भी सच्ची घटना पर आधारित है और इसे वी विजयेंद्र प्रसाद ने लिखा और निर्देशित किया है। फिल्म  रजाकार आंदोलन और स्वतंत्रता सेनानी सुड्डाला हनमंथु से प्रेरित है।