राजनीति: रात तक गोविंद को मनाते रहे मुख्यमंत्री, सुबह अनुराग के कहने पर माने, नड्डा ने कृपाल से की दो बार बात

 हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव से पहले तीनों विधानसभा सीटों से बगावत के सुर उठने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गुरुवार आधी रात तक और शुक्रवार को रूठों को मनाते रहे। अर्की में गोविंद राम शर्मा को मनाने में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी मदद की। अर्की में रुष्ट हुए गोविंद राम शर्मा और पूर्व मंत्री नगीन चंद्र की बेटी आशा परिहार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सरकारी निवास ओक ओवर शिमला बुलाया।

उन्हें 12 बजे तक मनाते रहे। उधर, फतेहपुर से टिकट न मिलने से नाराज चल रहे कृपाल परमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने  गुरुवार और फिर शुक्रवार को खुद फोन कर मनाने का प्रयास किया। फतेहपुर में नामांकन भरने के बाद सीएम कृपाल परमार को अपने हेलीकाप्टर में बैठाकर जुब्बल-कोटखाई लाए और नाराजगी दूर करते रहे। हालांकि, नाराज चेतन बरागटा नहीं माने और उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन भर दिया।

वीरवार को जिस तरह अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई में भाजपा टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं ने बगावत के सुर बुलंद किए, उससे सत्तासीन भाजपा की चिंता बढ़ गई। मुख्यमंत्री के बुलाने पर अर्की से दो बार विधायक रहे गोविंद राम शिमला आए। पूर्व मंत्री की बेटी आशा परिहार भी उनके साथ थीं। मुख्यमंत्री ने इन दोनों नेताओें से आग्रह किया कि वे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को मानें। इस पर दोनों नेताओं ने अपने साथ हुई नाइंसाफी से अवगत करवाया।

सूत्रों के अनुसार गोविंदराम शर्मा ने प्रदेश में संगठन के एक बडे़ नेता पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री के समक्ष उन्होंने कुछ मांगें रखीं, जिस पर कुछ आश्वासन मिला है। शुक्रवार को अनुराग ठाकुर ने भी गोविंदराम शर्मा से भेंट कर नामांकन नहीं भरने का आग्रह किया। उपचुनाव के बाद गोविंदराम और आशा परिहार दोनों नेताओं को सरकार में कोई पद दिए जा सकते हैं। सीएम ने कृपाल को भी सरकार और संगठन में तरजीह देने का भरोसा दिया है।