मेडिकल कॉलेजों और मेक शिफ्ट अस्पतालों में स्थापित होंगे वेंटिलेटर

हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के पास पड़े 250 वेंटिलेटर मेडिकल कॉलेजों और मेक शिफ्ट अस्पतालों में स्थापित किए जाएंगे। इन्हें स्थापित करने से पहले स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। स्टाफ को प्रशिक्षण मेडिकल कॉलेजों में दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने हिमाचल को 700 वेंटिलेटर दिए हैं। इनमें करीब साढ़े 400 वेंटिलेटर स्थापित कर दिए गए हैं। शेष को मेडिकल कॉलेजों में स्थापित करने के आदेश दिए गए हैं। प्रदेश सरकार और वेंटिलेटर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र से मामला उठाने जा रहा है।

कोरोना के चलते गंभीर मरीजों को आईसीयू की जरूरत रहती है। इनमें वेंटिलेटर की आवश्यकता रहती है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि होम आइसोलेट या अस्पतालों में भर्ती मरीजों, जिनका ऑक्सीजन स्तर 85-87 फीसदी से कम हो रहा हो, उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट किया जाए। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर लोगों की ऑक्सीजन स्तर कम होने से मौत हो रही है।

20 फीसदी 45 साल से कम उम्र के लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर युवाओं को गिरफ्त में ले रही है। प्रदेश में 20 फीसदी ऐसे लोगों की मौत हुई है, जिनकी उम्र 45 साल से कम है। इनका आंकड़ा दो सौ के आसपास है।

मेडिकल कॉलेजों में और वेंटिलेटर स्थापित किए जा रहे हैं। जिलों के अस्पतालों में वेंटिलेटर लगाने से पहले कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ऑक्सीजन स्तर कम होने की स्थिति में मरीजों को मेडिकल कॉलेजों में उपचार के लिए भेजने को कहा है। – अमिताभ अवस्थी, स्वास्थ्य सचिव