मानवता शर्मसार : पैदा होते ही गोबर के ढेर में फेंक दी बच्ची, पुलिस ने देवदूत बनकर बचाई नन्ही परी की जान

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला पेश आया है। एक अज्ञात मां ने  बच्ची को जन्म देने के बाद खेत में गोबर के ढेर के पास फेंक दिया। पुलिस ने सूचना मिलते ही बच्ची को बचाकर ईलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार रोनहाट उपतहसील की शंखोली पंचायत के कमियारा (खड़काह) नामक स्थान पर मंगलवार सुबह जब एक व्यक्ति अपने खेत में काम करने गया तो उसने देखा कि गोबर के ढेर से कुछ अजीब आवाज निकल रही है।

पहले वो शख्स घबरा गया लेकिन हिम्मत जुटा कर जब नजदीक गया तो देखा कि ये आवाज एक नवजात शिशु की है। जिसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस की टीम भी सीएचसी रोनहाट में तैनात डॉक्टर को साथ लेकर तत्काल मौके पर पहुंची और नवजात शिशु को प्राथमिक उपचार देने के बाद आगामी ईलाज और देखभाल के लिए 108 एंबुलेंस से सिविल अस्पताल शिलाई पहुंचाया गया।

फिलहाल बच्ची को जन्म देने के बाद उसे खेत में गोबर के ढेर के पास लावारिस छोड़ने वाले का पता नहीं चल पाया है। बता दें कि कुछ वर्ष पहले रोनहाट अस्पताल में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था जिसमें एक अविवाहित लड़की ने अस्पताल के शौचालय में एक नवजात शिशु को जन्म देने के बाद उसे खिड़की से बाहर फेंक दिया था।

पुलिस ने उस वक्त भी नवजात शिशु की फरिश्ता बनकर जान बचाई थी। उधर, शिलाई पुलिस थाना के प्रभारी मस्त राम ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता बच्ची की जान बचाना है। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद उसे लावारिस छोड़ने वाली मां का भी जल्द पता लगाया जाएगा।
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