मनाली : सैलानियों का लगा रश, रहने के लिए होटल हुए कम

करीब नौ महीने के बाद क्रिसमस के उपलक्ष्य पर मनाली में पर्यटकों को रहने के लिए होटल नहीं मिल रहे हैं। मनाली में पंजीकृत होटलों की संख्या साढ़े पांच सौ के करीब हैं और कोविड-19 के चलते अभी भी इनमें में दौ सो के करीब होटलों में ताले लगे हैं, क्योंकि उनके पास या तो स्टाफ नहीं हैं या फिर कोई वजह हो सकती है। शुक्रवार मैरी क्रिसमस के उपलक्ष्य पर मनाली में होटलों के लिए सैलानियों को बड़ी कदमताल करनी पड़ी है। कई पर्यटकों को होटल न मिलने के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। क्रिसमस व न्यू ईयर के उपलक्ष्य पर यहां आने वाले सैलानियों का रहने का प्रबंध बड़े आराम से होता रहा है, मगर इस बार कोविड-19 के चलते पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हांलाकि दिन में तो सैलानियों ने सोलंगनाला व अन्य दूसरी साहसिक गतिविधियों करके दिन तो गुजार दिया, मगर जब शाम को आराम करने का विचार आया, तो होटलों की तलाश की जाने लगी।
शुक्रवार को मनाली में यह आलम रहा कि जो होटल खुले हैं, उनकी ऑक्युपेंसी फुल हो गई। वैसे भी शुक्रवार को मनाली की ओर पर्यटकों के वाहन भारी तादाद में पहुंचे, जिसके कारण कुछ मिनटों के लिए जाम की समस्या भी सामने आई। शुक्रवार को मनाली के आसपास के क्षेत्रों में भी सैलानियों से घाटी गुलजार रही और क्रिसमस को मनाने के लिए जहां कई कई होटलों में स्पेशल प्रबंध किए गए हैं, वहीं पर मेहमानों को होटल न मिलने पर मायूसी भी हुई। दिन क ा समय तो साहसिक गतिविधियों में गुजरा मगर जब शाम के समय पर्यटक  होटल की तलाश में गए, तो कई होटल पैक चलने के कारण कुछ नहीं कर पाए। मनाली होटलियर एसोसिएशन के महासचिव अजय ठाकुर ने बताया कि हर वर्ष क्रिसमस व न्यू ईयर पर मेहमानों का आगमन रहता है, क्योंकि इस बार कोविड-19 के चलते 22 मार्च, 2020 से जिस तरह से देश में लॉकडाउन लगा, उससे उससे मनाली के पर्यटन व्यवसाय को बड़ा धक्का लगा है। मनाली में इस वर्ष विंटर पर्यटन सीजन में मेहमानों को होटल न मिलना, जहां 40 फीसदी होटलों का बंद होना है, वहीं पर कई होटलों में स्टाफ की दरकार से यह स्थिति हुई है।